संदेश

सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।

पुराणों में परस्पर भेद और विरोधाभास क्यों? महर्षि वेदव्यास का संपूर्ण शास्त्रीय समाधान

पेपर लीक से कहीं बड़ा है भारतीय शिक्षा का असली संकट

त्रासदी यह है कि जो जेन-जी के नाम पर वहां अपनी असभ्यता, अभद्रता और अशिष्टता के अलग अलग सैंपल पेश कर रहे थे, वे जेन-जी का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे थे।

जनसांख्यिकी परिवर्तन : क्या भारत एक नए राष्ट्रीय विमर्श के द्वार पर खड़ा है?

जनसांख्यिकी परिवर्तन : क्या भारत एक नए राष्ट्रीय विमर्श के द्वार पर खड़ा है?

नमन मेरे देश के युवाओं तुमने सबका सर गर्व से ऊँचा कर दिया

यूथ_आईकॉन #विश्वासराव_भट्ट :

भारत की राजनीति में नया मोड़

दिल्ली कॉकरोच धरना-मार्च में शबाना

हिंदू समाज का सबसे बड़ा संकट: बाहरी आक्रमण नहीं, भीतर की आत्महीनता

शब्दों के मायाजाल में भटकता भारत और 'रामराज्य' की पुकार

भारत में धर्म और राजनीति को अलग क्यों नहीं देखा गया?

संयुक्त परिवार से एकल परिवार तक : क्या भारत अपनी सांस्कृतिक शक्ति खो रहा है?

अभी स्कन्द पुराण को पढ़ रहा था। इसके आरंभिक अध्याय में जो शिवपूजन की महिमा बताई गई है, उसमें कहा गया है कि :

उठाने का साहस नहीं करता, वह गीता सुनने की पात्रता भी प्राप्त नहीं करता। यही "धनुरुद्यम्य" का अनन्त संदेश है।