संदेश

सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।

उठाने का साहस नहीं करता, वह गीता सुनने की पात्रता भी प्राप्त नहीं करता। यही "धनुरुद्यम्य" का अनन्त संदेश है।