सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।

महाराष्ट्र में पाँच प्रमुख नदियाँ "गायत्री, सावित्री, वेन्ना, कोयना और कृष्णा"...

महाराष्ट्र में पाँच प्रमुख नदियाँ "गायत्री, सावित्री, वेन्ना, कोयना और कृष्णा"...!

इन पाँचों नदियों के सम्मिलित जल प्रवाह को एक ही स्रोत से जोड़कर प्रवाहित करवाने का अचंभित करने वाला कार्य सनातनी पूर्वजों ने सफलतापूर्वक संपन्न किए हैं।

श्री पञ्चगंगा मन्दिर, महाबलेश्वर, सतारा, महाराष्ट्र में सुविख्यात मन्दिर है।

इस सुविख्यात मन्दिर के निर्माण का श्रेय राजा सिंघनदेव (देवगिरी के यादव राजा) को जाता है।

राजा सिंघनदेव ने इस मन्दिर का निर्माण तेरहवीं शताब्दी में करवाया था।

इस मन्दिर का पुनर्निर्माण हिंदवी साम्राज्य के संस्थापक सनातनी हृदय सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज के द्वारा सोलहवीं शताब्दी में किए गए थे।

मान्यता है कि इस मन्दिर में इस अद्भुत गोमुख से इस पाँचों सरिताओं का सम्मिलित जल एक ही धारा से निकलता है।

कितना कष्टसाध्य और दुःसह रहा होगा इसका निर्माण.!!

परन्तु इस असम्भव को भी सनातनी पूर्वजों ने सम्भव कर दिखाया.!!

अतुलनीय सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल🙏🔱🚩
#प्रेमझा

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