सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।

जब तक राजतंत्र "सनातन धर्म" के अनुशासन, संरक्षण, निर्देशन में संचालित होता रहा तो उस साम्राज्य का यश चहुँ ओर विख्यात रहा था।

जब तक राजतंत्र "सनातन धर्म" के अनुशासन, संरक्षण, निर्देशन में संचालित होता रहा तो उस साम्राज्य का यश चहुँ ओर विख्यात रहा था।

उसी श्रेणी में महान विजयनगर साम्राज्य भी रहा है।

ध्यान रहे, विजयनगर साम्राज्य अपने समकालीन विश्व के सबसे समृद्ध राज शासन में से एक था।

आज भी विजयनगर साम्राज्य के भग्नावशेष हम्पी में अपने गौरवशाली इतिहास की महागाथा विश्व को सुना रहे हैं।

यह दुर्लभतम "पञ्चमुख" शिवलिङ्गम हम्पी, कर्नाटक से प्राप्त है।(चित्र-साभार)

इस अद्वितीय शिवलिङ्गम में रूद्रावतार आञ्जनेय महावीर जी उकीर्ण हैं।

अपने यौवनावस्था में यह साम्राज्य कितना वैभवपूर्ण रहा होगा यह सोचकर ही रोमांच होता है।

अतुलनीय सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल🙏🔱🚩
साभार 
प्रेम झा जी 

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