सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।

आपने अखण्ड पाषाण शिला से निर्मित प्रतिमाएँ, मूर्तियाँ, क्रीड़ा सामग्री इत्यादि बहुतायत में देखे होंगे।


आपने अखण्ड पाषाण शिला से निर्मित प्रतिमाएँ, मूर्तियाँ, क्रीड़ा सामग्री इत्यादि बहुतायत में देखे होंगे।

किन्तु क्या पत्थर के एक ही चट्टान से निर्मित सम्पूर्ण जोड़-रहित अखण्ड मन्दिर देखा है.?? 

अब तो सोचने को विवश हो जाएँगे.!!

परन्तु सनातनी शिल्पकार पूर्वजों ने इस असम्भव को भी सम्भव कर दिखाया और वो भी आज से सहस्रों वर्ष पूर्व ही।

श्री पाएर (पाएच) शिव मन्दिर वह अकल्पनीय दुर्लभ मन्दिर है जो अखण्ड पाषाण शिला से निर्मित है।(चित्र-साभार)

श्री पाएर शिव मन्दिर, पुलवामा, कश्मीर में है।

इस मन्दिर में कहीं भी जोड़ नहीं है।

मन्दिर में अनुपम शिवलिङ्गम स्थापित हैं।

मन्दिर में सुन्दर आकृतियों, अलंकरणों को उकीर्ण किया गया है।

देवशिल्पी विश्वकर्मा के आशीर्वाद से ही सनातनी वास्तुशिल्पकारों द्वारा इस मन्दिर का निर्माण सम्भव हुआ होगा।

इस मन्दिर को लगभग १५०० वर्ष प्राचीन माना जाता है।

कभी इस मन्दिर में भी रुद्राष्टकम का पाठ किया जाता था।

कभी यहाँ भी शिव-भक्त आस्था से अविभूत हो रूद्राभिषेक करते थे।

परंतु रेगिस्तानी पशुओं के वर्णसंकरों ने सनातन के प्रति अपने जन्मप्रद्त्त द्वेष और शत्रुता में इतना अत्याचार उत्पात रक्तपात किया कि यह स्थान सनातनी विहीन हो गया।

आज यह मन्दिर निर्जन तथा सौंदर्य और आभा विहीन सा हो गया है।

देवाधिदेव भगवान महादेव ही इस मन्दिर का वैभव पुनः लौटा सकते हैं।

गौरवान्वित सनातन धरोहर...!!

जय सनातन धर्म🙏🚩

जय महाकाल🙏🔱🚩

साभार 
प्रेम झा जी 

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