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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
प्रस्तुतकर्ता
Deepak Kumar Dwivedi
को
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-डॉ.नितिन सहारिया ,महाकौशल
भविष्यवक्ताओं के कथन, संतों की वाणी, भविष्य मालिका की भविष्यवाणी, सन्त सूरदासजी , देवरहा बाबा, गजानन महाराज ,महात्मा रामचंद्र दास, महर्षि अरर्विंद , नोस्ट्राड़ेमस , आर्थर फोर्ड, निक्सन ,हरार, की भविष्यवाणी, युगऋषि पं.श्रीराम शर्मा आचार्य जी के अनुसार युग परिवर्तन की भविष्यवाणी के कथनानुसार 2026 से 2032 तक का समय भीषण आपदा ,उथल-पुथल , युद्ध, महामारियो, जल प्रलय, अकाल, अनेकों प्राकृतिक आपदाओं,जन संहार, संकटकाल, दैवीय प्रकोप का है ।
प्रश्न यह भी उत्पन्न होता है कि यह सब कहां से पता चला? इन सब कथनों की प्रमाणिकता क्या है? क्या यह सब निश्चित रूप से घटने वाला है? तब इसके उत्तर में यही कहा जा सकता है कि - शास्त्रों- पुराणों, संतो ,महर्षियों, दिव्य दृष्टाओं , महापुरुषों के कथन, भविष्यवाणी -कभी व्यर्थ, असत्य नहीं जाती हैं । एक बात यह भी है कि जो उच्चस्तरीय आध्यात्मिक शक्तियों- विभूतियों के नजदीक- सानिध्य में रहते हैं; उन्हें सर्वप्रथम सूर्योदय सूर्य के प्रकाश के वैसे ही दर्शन हो जाते हैं ,जैसे पहाड़ की चोटी पर निवास करने वालों को सर्वप्रथम होते हैं ।
पिछले दिनों मनुष्य जाति ने बहुत ही पाप कर्म , अत्याचार, अनैतिकता, गौ हत्या, नारी, सन्तो, गरिवोँ-असहायो, भारत माता पर अत्याचार, स्वेक्षाचारिता , ईश निंदा, मानवता के विपरीत आचरण किया है। मनुष्यता का पतन हुआ है;जिसकी सीमा अब समाप्त हो चुकी है और अब जगत नियंता- विधाता-सृष्टा ने दण्ड देना सुनिश्चित किया है; क्यूंकि यह अमानवीयता-अत्याचार, अनैतिकता उसे स्वीकार नहीं । गीताकार भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं कहा था - " यदा-यदा ही धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत:,,,,, तदात्मान्ं सृजम्यहं " एक सीमा तक ही प्रकृति व परमेश्वर पापाचार को बर्दाश्त करते हैं व सीमा लाँघ जाने पर सृष्टा स्वयं धरती पर अवतार लेकर आते हैं और अधर्म- असंतुलन को समाप्त करके धर्म,नैतिकता ,सज्जनता की स्थापना करते हैं; अब वही समय आ चुका है ,इसमें किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए व जिन्हें अध्यात्म की थोड़ी समझ है,वह यह सब सहजता से जान लेते हैं। अत: निकट भविष्य में 2032 तक क्या होने वाला है, इसका संक्षिप्त विवरण यहां प्रस्तुत किया जा रहा है।👇🏻
■2026 -27 जल प्रलय का वर्ष है। भारत ही नहीं संपूर्ण विश्व में जलोजथा होगी व भारत व विश्व के बहुत से स्थान जल में डूबेंगे , बहेंगे, वरुण देवता की कुपित दृष्टि से नष्ट होंगे। नेपाल का ट्रेलर हम देख ही चुके हैं और भविष्य में उससे भी बड़ी आपदा हिमालय क्षेत्र केदारनाथ में भी आने वाली है क्योंकि मनुष्य ने तीर्थो की पवित्रता को ही नष्ट नही किया वरन पर्यावरण को भी नष्ट किया है। नेपाल में भी घटित हुई विगत आपदा का ट्रेलर -2 पुन: आएगा।
■ भारत के चार राज्य उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार ,उड़ीसा पूरी तरह आपदा से नष्ट हो जाएंगे।
■ उड़ीसा जगन्नाथ पुरी (नीलांचल) तीर्थ, मुंबई महानगर ,गोवा इत्यादि की जल समाधि हो जायेगी।
■ सन 2032 के पहले विश्व के समुद्र तटीय नगर लगभग 150 से 200 की संख्या में जल समाधिस्त (डूब जायेंगे ) हो जाएंगे।
■ 2027 में चीन अरुणाचल से भारत पर हमला/ युद्ध करेगा व दूसरे -तीसरे दिन पाकिस्तान व बांग्लादेश भी भारत पर अटैक कर देंगे अर्थात तीन तरफ से भारत पर हमला होगा। भीषण युद्ध होगा।
■ माननीय मोदी जी देश के यशस्वी प्रधानमंत्री अपना कार्यकाल पूरा होने से पूर्व परिस्थिति बस इस्तीफा दे देंगे 2027- 28 में ।
■ देश में आपातकाल -मिलिट्री शासन लगेगा।
■इसी बीच अराजक शक्तियां देश के अंदर वातावरण बिगाड़ेंगे,दंगा -फसाद, आगजनी, हिंसा , उपद्रव करेंगे जिससे भीषण जनहानी होगी।
■ देश में 'आर्थिक आपातकाल' Economic Emergency लगेगा , लोग बैंकों से अपना पैसा कम मात्रा में ही निकाल पाएंगे। नौकरियों में भी छटनी होगी। लोगों को खाने-पीने की सामग्री कम मात्रा में ही मिल पाएगी अथवा लाले पडेंगे।
■ 2028 में सूखा ,अकाल पडेगा, फसल नष्ट हो चुकी होगी , देश में खाद्यान्न के लाले पड़ेंगे, लोगों को हफ्ते 15 -15 दिन भूखे रहना पड़ेगा व लोग काल-कवलित होंगे ।
■ 2027 लायगा महाविनाश, अन्न संकट से जूझेगी दुनियाँ ।
■ दैवीय प्रकोप के चलते 64 प्रकार की महामारियाँ आवेगी जिससे लोग बडी संख्या मे काल- कवलित होंगे और स्तिथी यह रहेगी की कोई लोंगो को उठाने बाला नहीं मिलेगा।
■ गाँव के गाँव सफ़ा हो जायेंगे व एक गांव मे 5-7 लोग ही जीवित बचेंगे। गुप्त मृत्यु आवेगी लोग सोते ही रह जाएंगे।
■ हिमालय से लेकर दिल्ली तक भयानक भूकंप आएगा और देश के कई राज्यों कर्नाटक, केरल ,आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र ,पूर्वोत्तर, मध्यप्रदेश ,उत्तरप्रदेश,गुजरात, बिहार इत्यादि में भी भीषण भूकंप से हानि होगी।
■ युद्ध के फ़र्स्ट फेज में घनघोर युध्द होगा जिसमें चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश भारत से नहीं जीत पाएंगे तब वह और बड़ा सदयंत्र करेंगे।
■ युद्ध के सेकंड फेस में विश्व में मुस्लिम और ईसाईयों के मध्य अरब में भीषण युद्ध होगा जिसमें बड़ा नरसंहार होगा।
■ जब अरव मे युद्ध होगा तभी भारत के जग्गन्नाथ पुरी में समुद्र चढ़ेगा व नीलांचल तीर्थ समुद्र में डूब जायेगा।
■ थोड़ा स विश्व युद्ध होगा जो की घनघोर होगा ,जिसमे वर्तमान पश्चमी सभ्यता पूर्णत: समाप्त हो जाएगी व पश्चमी ढांचा पूर्णतः नस्ट हो जाएगा।
■ जब भारत से अमेरिका चीन का युद्ध होगा तब चीन -अमेरिका भारत के सैटेलाइट नष्ट करेंगे फिर भारत भी उनके सैटेलाइट को पुर्णत: नष्ट कर देगा।
■ मोबाइल फोन जिसकी दुनिया आदि हो गई है, वह 2032 के पहले समाप्त हो जाएंगे अत: मोबाइल की आयु अब चार-पांच साल ही मात्र बची है।
■ प्रथम चरण के युद्ध में जब पाकिस्तान ,चीन ,बांग्लादेश भारत से नहीं जीत पाएंगे तब फिर वह भारत के खिलाफ 11 मुस्लिम कंट्रीयों को साथ में लेकर अटैक करेंगे, जिसमें पाकिस्तान ,बांग्लादेश ,टर्की, ईरान ,यूरोप व अफ्रीका के कुछ मुस्लिम देश शामिल होंगे फिर भीषण युद्ध होगा, इस युद्ध में भारत के साथ रूस ,फ्रांस, जर्मनी, जापान होंगे । भारत में रशियन आर्मी डेप्लॉय होगी।
■ युद्ध के अंतिम चरण में अमेरिका भारत के साथ गद्दारी करेगा और अपने सभी बड़े-बड़े अस्त्र-शस्त्र पाकिस्तान को देगा, भारत को नष्ट करने हेतु । उस समय भारत की रक्षा हिमालय की आध्यात्मिक शक्तियां -कलकी अवतार करेंगे।
■ कलकी अवतार धरती पर असुरों का संघार करेंगे व धर्मनिष्ट - सज्जन पुरुषो की रक्षा भी करेंगे अंततः वही बचेगा जो धर्म को पकड़े रहेगा।
■ 2029 -30 में यह स्थिति होगी की लोग भुन्खे मरेंगे व मनुष्य -मनुष्य का मांस खायेंगे।
■ प्रकृति के पंच तत्व विद्रोह करेंगे व मानव जाति को दंडित करेंगे। हवा 300-400 की गति से चलेगी ,तब सब उड़ेगा। बडे-बड़े भूकम्प से भी बड़ी जनहानी होगी।
■ सूर्य 70 डिग्री तक तपेगा तब सब कुछ स्वाहा हो जाएगा ।
■ भगवान जिन्हे बचाएंगे वही बचेंगे अर्थात जो भगवान- धर्म की शरण में होंगे वही 2032 को पार करेंगे व राम्राज्य मे प्रवेश करेंगे।
■ जापान युद्ध में अमेरिका के वाशिंगटन शहर पर परमाणु बम पटकेगा व रेगिस्तान बना देगा। प्रकर्ति प्रकोप से अमेरिका 70 प्रतिशत जल में डूब जायेगा।
■ कोलकाता शहर में बड़ी तबाही आयेगी और वह नस्ट हो जाएगा ।
■ कुल मिलाकर विश्व की 70% आबादी समाप्त हो जाएगी । तब 30% श्रेष्ठ, धर्मनिष्ट ,सज्जन मनुष्य ही बचेंगे जो धरती पर रामराज्य -सतयुग की स्थापना करेंगे। One Millennium 1000 वर्ष तक सतयुग धरती पर रहेगा।
नोट -लेखक द्वारा इस लेख का उददेश्य लोगों को भयभीत करना नहीं है; अपितु भविष्य के संकट- विभिषिका के प्रति जागरूक- तैयार करना, सावधान करना मात्र है ताकि समय रहते मनुष्य सम्हल सकें।
वन्देमातरम् !
क्रमशः....
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