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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
प्रस्तुतकर्ता
Deepak Kumar Dwivedi
को
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1.वह किसी बात से सहमत नही होगा।
2.बारिश में धूप के लिए रोयेगा, धूप में बादल के लिये आंसू बहायेगा, गर्मी में दिसम्बर याद करेगा, दिसम्बर में ठंड को गाली देते हुए मई को पुकारेगा।
3.उसे हर समय प्रतिवाद करना है।
4.वह हर व्यवस्था, हारमनी को गलत बताएगा और अशांत रहेगा।
5.कोयले के गीत गायेगा पर पर मौक़ा मिलते ही हीरा चुराकर भागने की फिराक में रहेगा।
6.आपकी बात, लेख, कथा काव्य को कूड़ा बताते पिछत्तिस घंटे आपका समीक्षक बना रहेगा और चाहेगा कि आप उसकी महानता पर निहाल रहें।
7.वह अपने पिटने, जलील होने की तुलना गांधी से करेगा, विक्टिम कार्ड खेलेगा।
8.एक नंबर का रोंदू और फट्टू होगा पर अकड़ ऐसे दिखाएगा कि दुनिया मानों उसी वजह से अस्तित्व में बनी है।
9.अपने मित्र के मित्र को, मित्र के विरुद्ध विष बोलेगा
दूसरे की उपलब्धि को अपने कारण बताते हुए इस बात पर रोयेगा कि उसने इस बात का क्रेडिट नही दिया ।
10.आसमान की तरफ थूकेगा और थूक अपने उपर गिरते ही दुश्मनों की साजिश बताते हुए ललकार लगाएगा।
11.उसके लिए प्रसन्नता जहर और सम्बन्ध फांसी है
दो लोगों का प्रेम उसके लिए असहनीय है।
12.सबके कार्यों के प्रति असहमति और अपने कार्यों की घोर सहमति चाहता है ।
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