सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।

जागोll भारत समय कम बचा है ...



             जिस प्रकार से देश की डेमोग्राफी बदल रही है और जिस रफ्तार से बदल रही है इससे लग रहा है कि ओवैसी सच बोल रहा हैं। ये लोग 2047 तक 'गज़वा- ए-हिन्द' का प्लान बनाकर बैठे हैं। लेकिन करोड़ों हिंदूओं को अभी तक शत्रुबोध नहीं हो रहा है। ये लोग हिंदुओं का धर्मांतरण कर रहे हैं,लव जिहाद में हिंदू लड़कियों को फंसा रहें हैं, हिंदू बच्चो को गायब कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार 2019 से 2023 के बीच भारतवर्ष में हिंदुओं की 13 लाख लड़कियां गायब कर दी गई हैं। अकेले मध्यप्रदेश से प्रति वर्ष 25 से 30000 हिंदू लड़कियां गायब हो रही हैं, किडनैप, लव जिहाद इत्यादि माध्यमों से। इंदौर में पानी में जहर मिलाकर लगभग एक दर्जन हिंदुओं की जान ले ली गई ,बाकी एक सैकड़ा से अधिक अस्पताल में अभी संघर्ष कर रहे हैं जीवन के बचाव के लिए। हिंदुओं को खतम करने के जिहादी- मुस्लिम कितने सारे तरीके अपना रहे हैं। अकेले मध्यप्रदेश में 5000 से अधिक अवैध मजार सरकारी जमीन पर बनी हुई है और लगभग इससे अधिक मस्जिद बनी हुई है, यह इबादतग्रह कम जिहादी सेंटर अधिक हैं । आज भारत देश में 100 से अधिक प्रकार से जिहाद हिंदू समाज/ भारत को नष्ट करने के लिए चल रहा है किंतु हिंदू इस सत्य से बेखबर,अनजान बना हुआ है और आज भी करोड़ों हिंदू गहरी नींद में सो रहे हैं। कोई चिंता नहीं,हम भले-हमारा परिवार भला , एकाकी, स्वार्थी चिंतन- चरित्र हो गया है । बस एक ही बात की चिंता होती है कि ज्यादा से ज्यादा धन कैसे कमाएं? ज्यादा से ज्यादा प्रापर्टी कैसे इकठ्ठी करें? चाहे इसके लिए भ्रष्टाचार अपने हिंदू समाज से बेईमानी ही क्यों न करनी पड़े!! पाकिस्तान में भी हिंदुओं ने करोड़ों की प्रापर्टी जमा की थी, आखिर क्या हुआ? लड़ने की ताकत होगी तो सब बचेगा वर्ना म्लेच्छों के लिए कमाएं।हम इतिहास से सीखते / सबक नहीं लेते हैं । अगर हिंदू नहीं जागे तो मलेच्छों को इस देश पर हुकूमत करने से कौन रोक सकता है। पड़ोसी देश बांग्लादेश में आज क्या हो रहा है?? उससे भी हमारा हिंदू समाज सबक नहीं ले रहा है कि निकट भविष्य में कन्ही तुम्हारा भी यही हश्र न होने वाला हो....।
                 हिंदू अपनी कब्र स्वयं खोद रहा है, गहरी निंद्रा में सोकर क्योंकि वह निकट भविष्य के खतरे से शतुरमुर्ग की तरह रेत में गर्दन गडाकर अपने बचाव का मिथ्या प्रपंच रच रहा है वैसे ही जैसे कबूतर बिल्ली को देखकर आंख मूंद लेता है किंतु बिल्ली उसे छोड़ती नहीं है उसका शिकार ही कर लेती है । यही स्थिति हिंदू समाज की है। शत्रु द्वार पर खड़ा है, संकट सर पर मंडरा रहा है किंतु मूर्ख, अदूरदर्शी ,कायर हिंदू मकान- दुकान ,बैंक बैलेंस बनाने, खाने-पीने, हगने में लगा है; उसे यह नहीं पता कि जिनके लिए तुम यह सब सरंजाम जुटा रहे हो, बड़े-बड़े अट्टालिकाएं बना रहे हो वहीं नौनिहाल ( बच्चे) जब सुरक्षित नहीं रहेंगे ,गुलाम बना लिए जाएंगे अथवा काट- पीट दिए जाएंगे ,माता बहनों की इज्जत तारतार हो जाएगी उन्हीं के परिवार जनों के सामने, जब दुकान और घर जला दिए जाएंगे तब मूर्ख तुम क्या करोगे ???? अभी करने का समय है तो स्वार्थ ,लोभ- मोह में लगे हुए हैं ।अत: विनाश सुनिश्चित है और ऐसे कचरे का विनाश होना ही चाहिए । इसके अंदर न राष्ट्रवाद है, न स्वाभिमान है, न संस्कृति है ,न संस्कार है ,न ही इसके अंदर राष्ट्र का चिंतन है तो वह मुर्दे के समान कचरा ही है अतः उसका नष्ट होना तय है।

 *अरे जरा विचार करो.....* 

 देश मिटेगा तो बचेगा क्या?
 देश बचेगा तो मिटेगा क्या? 

 वन्देमातरम् !🙏

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