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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
प्रस्तुतकर्ता
Deepak Kumar Dwivedi
को
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🎯“”😇
(व्यंग का तड़का)
देश की राजनीतिक बहस में एक पुरानी, थकी हुई रट फिर गूँज उठी-
“RSS के लोग हर महत्त्वपूर्ण जगह पर बैठे हैं!”
कल ही यह ‘बड़ी खोज’ पिंकी के भाई पपलु को हुई है।
अरे, यह तो वह ज्ञान है जो वामपंथी पिछले 100 साल से हर आने-जाने वाले को मुफ्त में बाँटते आ रहे हैं!
इतनी बार कहा जा चुका है कि अब तो उनका दावा ही संदिग्ध लगने लगा है।
इनकी अद्भुत जानकारी का हाल यह है कि
पी. वी. नरसिम्हा राव- कांग्रेस के प्रधानमंत्री
को भी पिछले 33 वर्षों से “RSS का गुप्त कार्यकर्ता” बताया जा रहा है।
अब बेचारे राव साहब भी सोचते होंगे कि...
“अरे मैं तो अपनी कांग्रेस पार्टी का ही प्रधानमंत्री था, ये संघ वाला टैग कहाँ से चिपक गया?”
विपक्ष के ये Confused Characters खुद तय नहीं कर पाते कि
RSS सर्वशक्तिमान है,
या सर्वत्र विफल है,
या सर्वत्र छिपा हुआ है,
या सर्वत्र सक्रिय है।
जनता को समझाने चलें तो पहले खुद के विरोधाभास सुलझा लें-
क्योंकि दो छोर पकड़कर जनता को नहीं,
अपने ही दिमाग को उलझा देते हैं।
अब इसे सत्य के धरातल पर रखें-
१) यदि संघ आज कहीं पर है तो अपने परिश्रम, शुचिता, पवित्रता, योग्यता और कर्तव्य-पूरक कार्यशैली के कारण है,
किसी नेता, दल, सरकार या सत्ता की कृपा से नहीं।
यह संगठन किसी ‘राजनीतिक चाबी’ से नहीं,
चरित्र, अनुशासन और सतत साधना से खड़ा हुआ है।
२) संघ के स्वयंसेवक - बाल स्वयंसेवक से लेकर वयोवृद्ध स्वयंसेवक तक- देश से अथाह प्रेम, भक्ति, समर्पण, त्याग और योग्यता के कारण अनथक परिश्रम करते हैं।
इनकी पहचान सत्ता नहीं,
सेवा है।
इनकी शक्ति कुर्सियाँ नहीं,
कर्तव्य है।
और विपक्ष का भ्रम यह है••• कि
सेवा से खड़ी संस्था को
राजनीति से तोड़ा जा सकता है।
अरे, यह वैसा ही है जैसे
“सूरज भी संघी है, चाँद भी संघी है,
पर बारिश की कमी के लिए संघ ज़िम्मेदार है!”
वास्तविकता यह है-- कि
जनता RSS को किसी पार्टी से नहीं जोड़ती,
बल्कि उसके राष्ट्रीय सेवा, अनुशासन और व्यवहारिकता से परिचित है।
इसलिए विपक्ष जितना RSS को सर्वव्यापी बताता है,
उतना ही अपनी दिमागी थकावट और वैचारिक खालीपन उजागर कर देता है।
अब कम से कम
इन Confused Characters को सलाह यही है-
पहले अपने “विरोध के GPS” को ठीक कर लें,
वरना जनता को नहीं,
खुद को समझने में ही अगले सौ साल लग जाएँगे।🌹🙏
#kailash_chandra Kailash Chandra
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