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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
प्रस्तुतकर्ता
Deepak Kumar Dwivedi
को
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संगठन गढ़े चलो, सुपंथ पर बढ़े चलो भला हो जिसमें देश का, वो काम सब किए चलो ।। ध्रु.।।
युग के साथ मिल के सब, कदम बढ़ाना सीख लो। एकता के स्वर में, गीत गुनगुनाना सीख लो-2 भूलकर भी मुख में जाति-पंथ की ना बात हो। भाषा-प्रांत के लिए कभी न रक्तपात हो फूट का भरा घड़ा है फोड़कर बढ़े चलो। भला हो जिसमें देश का वो काम सब किए चलो।
संगठन गढ़े चलो, सुपंथ पर बढ़े चलो भला हो जिसमें देश का, वो काम सब किए चलो || 1 ||
आ रही है आज चारों ओर से यही पुकार हम करेंगे त्याग मातृभूमि के लिए अपार- 2 कष्ट जो मिलेगा मुस्कुरा के सब सहेंगे हम देश के लिए सदा जिएंगे और मरेंगे हम देश का ही भाग्य अपना भाग्य है ये सोच लो।
संगठन गढ़े चलो, सुपंथ पर बढ़े चलो भला हो जिसमें देश का, वो काम सब किए चलो
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