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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
वामपंथ वेश्यावृत्ति का मुख्य अड्डा, टारगेट पर होती हैं विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए जाने वाली प्रथम वर्ष की छात्राएं
प्रस्तुतकर्ता
Shivam Patel
को
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वामपंथ आज के समय में वेश्यावृत्ति का मुख्य अड्डा है। जब नव युवतियां पहली दफा घर छोड़कर विश्वविद्यालयों की धरती में अपना कदम रखती हैं तो वहां उन्हें ज्यादा खुला माहौल मिलता है। उस वक्त काम वासना की तृप्ति के लिए वामपंथी लौंडे मित्रता करते हैं। धीरे धीरे उन नव युवतियों को ये वामपंथी लौंडे अपनी पुरानी ट्रेनिंग के आधार पर उन लड़कियों को ब्रेनवाश करने लगते हैं। उन्हें पितृसत्ता जैसे शब्द सिखाए जाते हैं। उनको ये बताया जाता है कि उनके बाप मां भाई परिवार उनका शोषण कर रहे हैं। उन्हें गुलाम बनाए हुए थे।
इन सबके पीछे कोई सुधारवाद नहीं है। इसके पीछे एक ही उद्देश्य है काम वासना की तृप्ति। कैसे भी करके यौन सुख प्राप्त करना। जो भी अभी विश्वविद्यालयों में हो वो इस बात को गौर करना की जो लड़की फर्स्ट ईयर में वामपंथी नहीं हो पाई उसके सेकंड या थर्ड ईयर में मुश्किल ही बनेगी वामपंथन। सोचिए आपके माता पिता आपको स्वतंत्रता देते हैं, विश्वविद्यालय में जाने की, खुल के जीवन जीने की, हर प्रकार की सुख सुविधाओं का ख्याल भी रखते हैं। आप जब पैसे मांगो तब कही से भी जुगाड करके आपको धन उपलब्ध कराते हैं, आप कोई सुविधा मांगो वह भी उबलब्ध कराते हैं। और बदले में उन्हें आपसे क्या मिलता है? घृणा। एक पिता को जो अपने शौक छोड़ देता है इसलिए की बेटी बाहर पढ़ने गई है उसको कोई किसी प्रकार की तकलीफ न हो और आपके द्वारा उस पिता को, माता को पितृसत्तात्मक कह कर दुत्कारा जाता है। माय बॉडी माय रूल्स, हु आर यू इत्यादि।
क्या है ये पितृसत्ता? जिन महिलाओं के नाम पर ये वामपंथी अपनी रोटियां सेकते हैं ये कहते हुए कि क्या महिलाओं को गुलाम बनाया हुआ है पुरुषों ने वो महिलाएं ही सबसे पहले ऐसे बकलोली को गोली मार देंगी। कभी बात करिए अपनी माता से बताइए ये सब जो आप देखते हैं। फिर उनकी प्रतिक्रिया देखिए। अक्सर नकारा महिलाएं जिनमें स्किल नहीं है, न खाना बनाने आता है, न कोई दूसरा काम करने वही ऐसी अनरगल बाते करती पाई जाएंगी। इनको आता क्या है बॉडी काउंट बढ़ाना। इनके मित्र मंडली में वही वामपंथी लौंडे होंगे जो काम वासना की तृप्ति के लिए इन्हें इनके हिसाब से बात करेंगे।
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