सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।

एक कहावत है, “माल मालिकों का, मशहूरी अपनी”

एक कहावत है, “माल मालिकों का, मशहूरी अपनी”

जैसे किसी रईस के घर नौकरी करता कोई नौकर अपने मालिक की गैरमौजूदगी में उसकी रोलेक्स घड़ी पहनकर अपने दोस्तों के बीच धौंस जमाता है… बिल्कुल यही सब अबतक पाकिस्तान ने किया है… अमरीका ने एक जमाने में सोवियत रूस के दक्षिण भाग को अपने परमाणु टारगेट पर रखने हेतु पाकिस्तान में अपने लिए बेस और परमाणु साइट्स चिन्हित किए, इन साइट्स को अपने कंट्रोल में लिया और संबंधित एयरबेस पर अपनी उपस्थिति बनाई। इन स्थानों पर पाक फौजियों की मौजूदगी चौकीदार की है।

• अब यहां माल तो था मालिकों (अमरीका) का, लेकिन धमकी भारत को देने लगा पाकिस्तान। इसके पीछे की सोच थी, मालिकों के पास मौजूद तलवार का हउव्वा दिखाकर भारत को ब्लैकमेल किया जाए।

तब अमरीका दुनिया को ये नहीं बताना चाहता था के यहां मौजूद परमाणु सेंटर उसके अपने द्वारा संचालित है। क्योंकि इससे दुनिया ही नहीं बल्कि अमरीका के भीतर भी आलोचना होती इस कदम की।

• अमरीका सच नहीं बोलेगा और चुप रहेगा यह जानकर पाकिस्तान ने अपने देश में रखे अमरीकी परमाणु की मशहूरी “इस्लामी परमाणु बम” के रूप में करनी शुरू कर दी… यह सुनकर परमाणु विज्ञानिक भी हक्के बक्के थे,,, परमाणु बम की ये कौनसी कैटिगरी आ गई जो,, इस्लामी बम बन गया?

इस्लामी परमाणु बम का प्रचार करके पाकिस्तान ने तेल उत्पादक मुस्लिम देशों से चंदा जुटाने की स्कीम लड़ाई। मुस्लिम मुल्कों में मुसलमानों में प्रचार करवाया गया, “देखो जी देखो मुस्लिम जगत में हम इकलौते मुस्लिम देश हैं जिसके पास परमाणु बम्म है”

पैसे वाले मुस्लिम मुल्कों को भी लगा के कभी जरूरत पड़ने पर पाक का ये इस्लामी बम हमारी मदद करेगा। सो, तेल उत्पादक देशों में थोड़ी सी रेपुटेशन बन गई पाकिस्तान की अन्यथा वो तो पाकिस्तानियों को असली मुस्लिम भी नहीं समझते थे। यह बिल्कुल ऐसा था जैसे किसी फटेहाल भिखारी ने अमीर की शादी में जाने का जुगाड़ बिठा लिया हो वेडिंग कार्ड जुटाकर।

• कई साल लगे पर सऊदी अरब ये जान गया कि पाकिस्तान के पास कोई परमाणु बम नहीं है, क्योंकि यदि होता तो वह सबसे पहले सऊदी अरब को परमाणु तकनीक देता। क्योंकि सऊदी अरब के टुकड़ों पर पलता आया है पाकिस्तान। अंततः सऊदी ने चीन से नजदीकियां बढ़ानी शुरू की, सऊदी अरब चीन से परमाणु तकनीक हासिल करने के इच्छुक है।

इसी बीच पाकिस्तान की एक और करतूत सामने आई है, पाकिस्तान का आर्मी चीफ जब भी किसी मुस्लिम देश जाता है वहां उनके राष्ट्रध्यक्षों को बंद कमरे में यह कहकर आता है के, “जनाब फिक्र ना करो हमारे परमाणु बम आपके दुश्मनों पर गिरेंगे जब भी जरूरत आई आपको” …बस इस प्रकार की ठगी ठोरी से पाक के आर्मी जनरल चंदा जुटा आते हैं। और उनके विदेश दौरे की सफल ठहराया जाता है।

• …लेकिन इस बार ये करतूत बाहर आ गई और शर्मिंदगी का माहौल बन गया। पिछले दिनों पाक का फेल्ड मार्शल असीम मुनीर ईरान गया और वहां आयतुल्ला खामनई से मिला। उनको आश्वासन देके आया के,, “हमारे परमाणु बम इसराइल पर गिरेंगे जब भी आपकी फैसलाकुन जंग हुई”

पतन की और जा रही ईरानी सरकार जिस समय हर बड़ी धमकी का प्रयोग कर रही है अपने बचाव में… इस कड़ी में उनके एक आर्मी अधिकारी ने कह दिया… “घबराने की बात नहीं है अब पाकिस्तान का परमाणु बम इसराइल पर गिरेगा…”

बस फिर क्या था,, ईरान के इस बयान ने हलचल मचा दी… और निशाने पर आ गया पाकिस्तान! “माल मालिकों का, मशहूरी नौकरों की” वाली स्कीम इस बार उल्टी पड़ गई… इसराइल की धमकी के बाद,, US स्टेट स्क्रेटरी मार्को रूबियो ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर को कड़ी फटकार लगाई है… अमरीका से आए सख्त संदेश के बाद शहबाज शरीफ की टांगें कांपने लगीं… और संसद में उसकी सरकार ने ईरान के उस बयान का खंडन कर दिया। …और माफी मांगने के अंदाज में दुनिया को मैसेज दिया “हमारे देश में मौजूद कोई भी परमाणु बम कहीं भी इस्तमाल नहीं होने वाला ना ही इसराइल पर।”

…और अमरीकी गुस्से को ठंडा करने के लिए आनन फानन में पाकिस्तान हुकूमत ने ईरान के साथ लगती अपनी सीमा बंद करने की घोषणा कर दी।

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