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हिंदू धर्म का पुर्नउत्थान temple endowment act एक छोटे से संशोधन से हो सकता है।

हिंदू धर्म का पुर्नउत्थान temple endowment act एक छोटे से संशोधन से हो सकता है।
1., सबसे पहले यह समझ लेते हैं कि अंग्रेज यह कानून लाए क्यों थे । अंग्रेज से पहले मंदिरों के पांच अंग थे गुरुकुल , यज्ञशाला , पाक शाला, गऊ शाला , और देवता का विग्रह यानि मूर्ति । अंग्रेजों और बाद में लोकतंत्र ने देवता की मूर्ति को छोड़ कर बाकि चार बंद कर दिए ताकि हिंदू धर्मगुरु गुरुकुलों से निकल कर हिंदू समाज का मार्गदर्शन ना कर सकें । गौशाला को इसीलिए बंद कर दिया ताकि कटने के लिए गौ आम मिल सके ,बाकि पाक शाला और यज्ञ शाला में खर्चा बचाने के लिए इनको बंद कर दिया । 
2. अब सरकार को मंदिरों को पुनः हिंदू समाज को सौंप देना चाहिए लेकिन ऐसा सरकार इसीलिए नहीं करती क्योंकि राज्य सरकारों temple endowment act के माध्यम से मोटी रिश्वत खाने को मिलती है और भी मोटे घपले करने की छूट मिलती है ।
3. अगर सरकार मंदिरों को अपने नियंत्रण में रखना भी चाहती है और हिंदुओं का भला भी करना चाहती है तो उसके लिए एक बीच का रास्ता है कि केंद्र सरकार temple endowment act में एक संशोधन कर दे 
१. हिंदू मंदिरों का 30% पैसा गुरुकुलों में 30% पैसा गौशाला , 10% पाकशाला और 5% यज्ञशाला के और शेष 20% मंदिरों के रखरखाव , कर्मचारियों के खर्चे आदि के रिजर्व कर दिए जाएं 
२.हिंदू मंदिरों में सारे कर्मचारियों का चुनाव परीक्षा के माध्यम से हो और हरेक कर्मचारी चाहे वह सफाई कर्मचारी क्यों ना हो उसके लिए संस्कृत अनिवार्य हो । इससे संस्कृत की तरफ रुझान बढ़ेगा ।
३. हिंदू मंदिरों के अमानदनी और खर्चे का ऑडिटर्स को सरकार नियुक्त करे ।
४. किसी भी गैर हिंदू को हिंदू मंदिरों कोई नौकरी आदि ना मिले , अगर नौकरी मिलने के बाद किसी ने हिंदू धर्म छोड़ दिया हो या हिंदू धर्म विरोधी आचरण करता हो तो किसी भी हिंद व्यक्ति की complaint पर जांच के तुरंत सेवा से बर्खास्त कर दिया जाए ।
५ हिंदू मंदिर RTI के दायरे में कर देना चाहिए ।

अगर इस तरह का संशोधन हो जाए तो 
१हिंदू धर्मगुरु बड़ी मात्रा में तैयार होंगे जिससे हिंदू समाज टेलीविज़न और सरकारी मार्गदर्शन पर निर्भर नहीं रहेगा अपितु उन्हें शास्त्र द्वारा प्रदत मार्गदर्शन मिलता रहेगा ।
२ गऊ माता की होने वाली दुर्दशा बंद हो जाएगी ।
३ यज्ञ फिर शुरू हो जाएंगे ।
४ संस्कृत को बढ़ावा मिलेगा ।
५ आयुर्वेद ,ज्योतिष ,तंत्र , योग आदि के expert विद्वान तैयार होंगे जिससे देश की काया पलट हो जाएगी।

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