सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।

न्यू नॉर्मल के नाम पर अशालीनता पर सहज होती युवा पीढी


मशहूर यूट्यूबर और पॉडकास्टर ,सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर रणबीर इलाहाबादिया को अपने विवादित टिप्पणी के लिए लगातार आलोचना का सामना करना पड़ रहा हैं ।उनका समय रैना के शो में कहा गया एक सवाल सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हुआ। इस शो में उनके साथ आशीष चंचलानी, जसप्रीत सिंह और अपूर्वा माखीजा भी शामिल थे । इंडियाज गॉट लेटेंट शो में प्रतिभागीयो से उपस्थित जज सवाल जवाब करते हैं जो कॉमेडी पर बेस्ड होता है। इस शो में रणबीर ने पेरेंट्स रिलेशन पर विवादित क्वेश्चन पूछा था। इस प्रश्न के बाद लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं ।
निलेश मिश्रा गीतकार ने कहा कि यह लोग देश की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को आकर दे रहे है अपने एक्स पर उन्होंने लिखा इस सामग्री को एडल्ट कंटेंट भी नहीं बताया गया है। इसे एक बच्चा भी आसानी से देख सकता है यदि एल्गोरिथम उसे वहां ले जाता है। इन लोगों में जिम्मेदारी की कोई भावना नहीं है।  
इस विवाद के बाद से रणबीर गायब हो गए और उनका फोन भी बंद आ रहा था। पर कल उन्होंने एक पोस्ट द्वारा इस प्रश्न के लिए माफी मांगी। उन्होंने स्वीकार किया कि माता पिता के बारे में मेरी टिप्पणी असंवेदनशील और अनादरपूर्ण थी।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर, सृजनात्मक अभिव्यक्ति के नाम पर कुछ भी कह कर या माफी मांग कर बच निकलना वर्तमान में लोगों का प्रिय शक्ल हो गया है ।

 इसके पूर्व महाराष्ट्र के साइबर विभाग ने संज्ञान लेकर इंडिया गॉट लेटेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। राष्ट्रीय महिला आयोग ने समन जारी कर रणवीर और समय रैना को कोर्ट में पेश होने को कहा है ।
शिवसेना के सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी संसद की आईटी कमेटी से शिकायत कर इस मामले में एक्शन लेने की मांग की है ।
 समय रैना के युटुयूब शो इंडियाज गॉट लेटेंट में रणवीर इलाहाबादिया जज थे। इस शो में नए प्रतिभागी को परफॉर्म करने का अवसर मिलता है और सिर्फ 90 सेकंड में उसे अपना टैलेंट दिखाने होता है बाद में जज उससे सवाल भी करते हैं। इस शो में ज्यादातर बोल्ड कॉमेडी कंटेंट होता है ।इसमें रणबीर ने पेरेंट्स के निजी अंतरंग संबंधों पर अश्लील और अनावश्यक सवाल पूछा । 8 फरवरी को यूट्यूब पर इस एपिसोड को अपलोड किया गया और आते ही इस पर विवाद शुरू हो गया और अनेक जगहों पर लोगों ने इस पर एफ आई आर दर्ज कराई।
रणवीर का यह विवादित एपिसोड बताता है कि वर्तमान में कॉमेडी के नाम पर जो पेश किया जा रहा है वह किसी भी तरह से हमारी संस्कृति और नैतिकता के अनुरूप नहीं है ।माता-पिता के अंतरंग संबंधों के बारे में इस तरह के भद्दी टिप्पणी करना कॉमेडी नहीं है। डार्क ह्यूमर के नाम पर जो कुछ कहा जा रहा है वह कहीं ना कहीं हमारी संस्कृति और युवा पीढ़ी को भ्रष्ट कर रहा है।
सोशल मीडिया के आने के बाद हमारे समाज में जिस तरह से खुलापन आया है वह चौंकाने वाला है। शो में भी बैठे युवा जज जिस तरह हंस रहे थे वह बता रहा था कि इस पीढ़ी के लिए शालीनता,संस्कार के मायने कुछ नहीं बचे। मैने भी कुछ युवाओं से बात की उन्होंने इसे सामान्य कहा कि उस शो का कॉन्सेप्ट ही ऐसा है। कहा कि ये शो हम सभी का पसंदीदा है हमे स्ट्रेस फ्री करता है । दो चार ने ही स्वीकारा कि ये ज्यादा हो गया । तो देख लीजिए कि न्यू नॉर्मल के नाम पर युवा पीढ़ी किस प्रकार इन्हें सपोर्ट कर रही है।जो भी रील इन प्लेटफार्म पर डाली जाती है या जो वीडियो होते हैं उसमें ज्यादातर अश्लील सामग्री ही होती है ।यह बनाने वाले की ना कोई पहचान होती है ना ही उनसे इस तरह की नैतिकता की बात की जाती है। क्योंकि रणबीर को पीएम मोदी ने 2024 में क्रिएटर अवार्ड से सम्मानित किया था और वे इनफ्लुएंसर है तो उन्हें इस बात का भी ध्यान रखना था। इनफ्लुएंसर का अर्थ होता है प्रेरणा देने वाला। अब आप ही देखे कि युवा पीढ़ी क्या और कैसे प्रेरित हो रही है।
 कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता, भद्दी गालियां और कूल दिखने का जो चलन चल रहा है वह युवा पीढ़ी के लिए अत्यंत घातक है। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लगातार इसी तरह के कंटेंट की भरमार है। इन प्लेटफार्म पर अश्लीलता, आपत्तिजनक सामग्री, नस्लवादी टिप्पणी लगातार बढ़ती जा रही है ।
वर्तमान में विवाद से ही चीजे बिक रही है। सोशल मीडिया पर जब भी इस तरह का कोई वीडियो वायरल होता है उसको लाखों व्यूज मिलते हैं और इन व्यूज से इन युटयुबर्स को मुनाफा मिलता है। ऐसे में इस तरह की हल्की,अश्लील सामग्री या इस तरह के कंटेंट की भरमार है ।क्रिएटिव कंटेंट बनाने के लिए सृजनात्मकता,समय ,समझ और कड़ी मेहनत की जरूरत होती है लेकिन विवाद और अश्लील सामग्री में नहीं ।इसी कारण से बहुत ही बोल्ड और अश्लीलता से भरे कंटेंट जिसमें गालियों की भरमार होती है वह आपको इन प्लेटफार्म पर मिल जाएगा। समय रैना के शो इंडियाज गॉट लेटेंट के भी 73 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर है।इसके पहले भी इस शो में किसी कॉमेडियन ने पूर्वोत्तर के लोगों के खान-पान पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। 
हमारे देश के संविधान का अनुच्छेद 19 एक (ए) सभी नागरिकों को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार देता है। यह अधिकार बोलने के साथ ही लिखने या प्रकाशन और दृश्य प्रस्तुतीकरण के लिए भी दिया गया है ।लेकिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में जिम्मेदारी भी बहुत आवश्यक है। लेकिन अब लोग सिर्फ अभिव्यक्ति की इस आजादी का फायदा उठाकर सोशल मीडिया पर कुछ भी डाल रहे हैं ।जब भी कुछ विवाद होता है तो यही कहा जाता है कि अभिव्यक्ति की आजादी सभी को है इस पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता ।इस प्रकरण में इस बात को साबित कर दिया है कि वर्तमान में इंटरनेट मीडिया, ओटीटी प्लेटफॉर्म को विनियमित करने के लिए कानून बनाने की आवश्यकता है। सिर्फ माफी देकर या एक बार गलती हो गई कह छोड़ देने से ,या कॉमेडी के नाम पर कुछ भी अभद्र कह आप बच नहीं सकते। कॉमेडी के नाम पर इस तरह की स्वतंत्रता ले लेना यह गलत है। 

वर्तमान में लोगों को लगता है कि कुछ भी बोल देना और बाद में यह कहना कि गलती हो गई और बात खत्म। कारण यह है कि ऐसे मामलों को हमारे यहां बहुत गंभीरता से नहीं लिया जाता है। कई बार माफी मांग ले जाती है या कई बार थोड़ा समय बीतने पर मामला ठंडा हो जाता है तो लोग ना डरते है ना इसे गंभीरता से लेते हैं। हमें सोशल मीडिया, ओटीटी प्लेटफॉर्म को नियमों के दायरे में लेने के लिए बात करनी होगी ताकि भविष्य में इस तरह की कॉमेडी के नाम पर अ मर्यादित टिप्पणियां करने का लोग साहस न करें जो देश की सामाजिक व्यवस्था और नैतिक मूल्यों के अनुरूप ना हो।
प्रो मनीषा शर्मा
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक

टिप्पणियाँ