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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
प्रस्तुतकर्ता
Shivam Patel
को
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It's a kind of laboratory to try things. When proven in India, they can then be taken to other places."
— Bill Gates on India.
हमें अपनी व्यवस्थाओं पर स्वतः अध्ययन करना होगा, और स्वतः ही उन अध्ययनों के आधार पर अपनी व्यवस्थाएं निर्मित करनी होगी। कोई देव नहीं आएगा ये सब करने।
वर्तमान सरकार से उम्मीद थी कि शिक्षा पर कुछ काम किया जाएगा, पर इस सरकार ने शिक्षा को किनारे करके हर क्षेत्र में काम किया। लोग विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेजेस, इंजीनियरिंग कॉलेज की गिनती करने में व्यस्त हैं लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता कोई मुद्दा ही नहीं है। मुद्दा है भी तो ले दे के सरकारी नौकरी। जिनका बस चले तो देश बेंच लें।
We must have to think about the quality of product instead of quantity.
कहने को तो देश विश्वगुरु बन चुका है, जैसा कि वर्तमान में हमारी सरकार के मंत्री, संसद और विधायक गण अपने भाषणों में बताते हैं। अभी विधायक जी सैमसन का दो कौड़ी की प्रोसेसिंग क्षमता वाला टैब वितरित करते हुए बता कर गए हैं।
विश्वगुरु के रूप में स्थापित होना है तो अपने तंत्रों पर काम करना पड़ेगा, स्वयं व्यापक अध्ययन करके अपनी व्यवस्थाएं बनाने पड़ेगी। डीप स्टेट का भय सरकार द्वारा गढ़ा जा रहा शिगुफा मात्र है। वैसे तो लेजर लाइट आंखों से निकलती है। जब भाषण देना हो तो।
केवल एक व्यवस्था दुरुस्त करनी है वो है शिक्षा। अगर शिक्षा दुरुस्त हो गई तो दुनिया का कोई भी तंत्र आपका कुछ नहीं उखाड़ पाएगा, क्योंकि आपको क्या चाहिए ये पता होगा। आपको अपनी प्राथमिकताएं पता होंगी। वरना ऐसे ही confuse स्टेट बने रहेंगे, हमेशा हमेशा के लिए। विश्वगुरु बनने का एक ही मार्ग है शिक्षा को ठेकेदारों से मुक्त करना, और उसको सुगम, सुलभ व गुणवत्तायुक्त करना।
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