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आयुर्वेद कि एक शाखा है जिसका नाम है भूत विद्या

आयुर्वेद कि एक शाखा है जिसका नाम है #भूत_विद्या । जब ग्रह,भूत,पिशाच,डाकिनी,शाकिनी आदि के द्वारा मनुष्य #शारीरिक और #मानसिक रूप से पीड़ित हो जाता है , तब व्रत,जप,पूजन,रत्न आदि के द्वारा #विकार का शमन किया जाता है । 

वर्तमान में #आयुर्वेद के इस भूत विद्या शाखा को #पाखण्ड बताया जाता है जबकि शल्यचिकित्सा समेत शेष अन्य दो शाखाओं का वृहदता से प्रसार किया जाता है । जबकि भूत-विद्या आयुर्वेद का सबसे महत्वपूर्ण अङ्ग है। दुष्ट मानसिकता वालों द्वारा #मनुष्य में कई ऐसे प्रयोग करे जाते हैं जिसके कारण #रोग शरीर को नही त्यागता है ऐसी परिस्थिति में #भूत_विद्या द्वारा रोगों का शमन किया जाता है ।

कई बार तो भूत,प्रेत आदि के द्वारा मनुष्य रोगों के संपर्क में आ जाता है । #सत्तर के दशक में ऐसी ही परिस्थिति हमारे पारिवारिक #दादाजी के सामने आई थी । #जबलपुर में इनके एक पेशेंट के #बहु को गर्भ नही ठहरता था जब दवा के बाद भी असर नहीं हुआ तब रोगी की कुण्डली देखी गई जिससे पता चला कि यह(रोगी) #प्रेतात्मा से पीड़ित है । 

उचित मुहूर्त देखकर भगवान #सुदर्शन के अनुष्ठान का आयोजन किया गया जिसमें #नर्मदा के #ब्राह्मणों का संगम लगा । बाद में पता चला कि विवाह के समय बिदाई से आती हुई वह स्त्री जब अपने #गाँव के #नदी को पार करी थी तब प्रेतात्मा के वह सम्पर्क में आई थी। इसीलिए बड़े बुजुर्ग विवाह के बाद जब बहु को ले जाते थें तो गाँव/शहर के सीमा को पार करते समय #टोटका करते हैं ताकि विवाहित स्त्री को देखकर आकर्षित होने वाले प्रेतात्मा #वधु में हावी न हों। 

#जय_श्रीराम 🚩🚩

श्रीयुत सांकृत्यान

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