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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
प्रस्तुतकर्ता
महेन्द्र सिंह भदौरिया
को
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आज मोक्षदा एकादशी के पावन अवसर पर प्रातः 6 बजकर 10 मिनट पर परमहंस सद्गुरु संत श्री सियाराम बाबा ने देवलोकगमन किया,पिछले तीन दिवस से महाराज जी अस्वस्थ थे परंतु आज मोक्षदा एकादशी को जैसे उन्होंने पूर्व से ही तय किया हो शुभ ब्रह्म मुहूर्त में इतने पवित्र दिन इस मृत्युलोक को छोड़ एक दिव्यात्मा परमात्मा से मिलन शुभ मुहूर्त में हो गया हो यह समाचार सुनकर देश विदेश प्रदेश का समस्त सनातन भक्त-समाज अनुयायी और संत-समाज गहरे शोक में डूब गया है बाबा जी का सम्पूर्ण जीवन धर्म भक्ति और मानवता की सेवा को समर्पित था उनका जाना केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि धर्म और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है
सियाराम बाबा हनुमान जी के अनन्य भक्त थे उनका सारा जीवन भगवान राम हनुमान और नर्मदा मैया की भक्ति में गुजरा वह रामायण के सजीव पाठ और अपनी ओजस्वी वाणी से समाज को सत्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करते रहे उनके प्रवचनों में केवल धर्म की महिमा ही नहीं बल्कि मानवता परोपकार और सदाचार की प्रेरणा छिपी रहती थी
बाबा जी का आश्रम तेलीभट्यान निमाड़ में साधना और भक्ति का मुख्य केंद्र रहा मैं व्यक्तिगत रूप से आश्रम में कई बार गया और हर बार बाबा जी के दिव्य तेज और सरलता ने मेरे हृदय को छू लिया उनका सान्निध्य ऐसा लगता था मानो स्वयं भगवान की कृपा वहाँ बरस रही हो बाबा जी का व्यक्तित्व अत्यंत तेजस्वी और ओजस्वी था उनके आश्रम में प्रवेश करते ही एक अद्भुत शांति का अनुभव होता था
बाबा जी का जीवन यह सिखाता है कि सच्चा योगी वही है जो अपने जीवन का हर पल समाज और धर्म की सेवा में समर्पित करता है उन्होंने न केवल समाज को भक्ति का मार्ग दिखाया बल्कि हर किसी को अपने भीतर छुपी दिव्यता को पहचानने की प्रेरणा दी ऐसा लगता था जैसे भगवान स्वयं उनकी चिंता करते हैं और उनके हर कार्य में अपनी कृपा बरसाते हैं
बाबा जी का देह त्याग केवल एक शारीरिक क्षति नहीं बल्कि अध्यात्म और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है उनके अनुयायियों के लिए यह क्षति गहरे शोक का कारण है लेकिन हम सब यह जानते हैं कि बाबा जी का जीवन और उनके द्वारा दिखाया गया मार्ग हमारे लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा
ईश्वर से प्रार्थना है कि वह पुण्यात्मा सियाराम बाबा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और उनके अनुयायियों को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें
शत शत नमन दंडवत प्रणाम
ॐ शांति
महेंद्र सिंह भदौरिया
सेवा विभाग विश्व हिन्दू परिषद उत्तर गुजरात
पूर्व कार्यक्षेत्र निमाड़ मालवा
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