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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
आने वाले समय में बड़े बड़े हिंदू संगठनो से ज्यादा प्रभावी मोहल्ले की छोटी छोटी टोलिया कैसे होने वाली है ? जाने विस्तार से
प्रस्तुतकर्ता
Deepak Kumar Dwivedi
को
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आने वाले समय में बड़े बड़े हिंदू संगठनो से ज्यादा प्रभावी मोहल्ले की छोटी छोटी टोलिया होने वाली है । गली / सोसाइटी की विधर्मी (थूक, लव, व्यापार Zi_हाड) हरकते ये ही टोलिया रोकेगी ।
और इसका सबसे बढ़िया तरीका है #आओ_मंदिर_चले और #भूमित्रम (वृक्षारोपण, स्वच्छता टोली) जैसे अभियान । मोहल्ले के 4-5 युवा योजना बनाए और कार्य शुरू करे । प्रत्येक मंगलवार (या कोई भी दिन) को सुबह सुबह कोई भी युवक सूचना पत्रक बनाए और मोहल्ले के ग्रुप में डाल दे कि आज शाम को #साप्ताहिक_हनुमान_चालीसा के लिए मंदिर आए । सूचना और आग्रह जरूरी है विषेशकर व्यक्तिगत । इसके लिए आप अपनी ब्रॉडकास्ट सूची का भी प्रयोग कर सकते है ।
5 भजनों और मंत्रों की एक pdf बनाए और ग्रुप हर बार भेजे । जो न बना सकता हो वो हमसे ले । Bhuvan Kaushik जी का बनाया pdf अब पूरे देश में प्रयोग होता है । नियत समय पर टोली मंदिर पहुंचकर कार्यक्रम शुरू करे । चिंता का विषय स्वर और सुर नहीं होने चाहिए, सहभागिता पर ध्यान रहे ।
पहले महीने 5 आयेंगे पर साल होते होते ये संख्या 100 जरूर होंगी । कार्यक्रम के अंत में प्रसाद की व्यवस्था जरूर हो । प्रसाद में वैरायटी जरूर रखें । बूंदी और केले तो स्वत आते ही है तो आप खिचड़ी, हलवा, चने आदि भी जोड़ सकते है । मोहल्ले में जिसका जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ आदि हो उनसे प्रायोजित करवाए एडवांस में सूची बनाकर ।
प्रसादम अगर बच्चों के फुटफॉल के लक्ष्य को केंद्रित करके किया गया तो ये बहुत बढ़ेगा और ऐसा बढ़ेगा कि जगह कम पड़ेगी । धीरे धीरे आप बच्चों से हनुमान चालीसा शुरू करवा देंगे तो ये कार्यक्रम से आप मुक्त हो जाएंगे और अगली गली की योजना बना सकते है । धीरे धीरे आपके पास इतनी संख्या हो जाएंगी कि आप सार्वजनिक पर्व भी बना सकते है ।
Note : बढ़ती भीड़ को देखकर मोहल्ले के छुटभैये नेताओं की लार बड़ी टपकती है । उनकी बगुला भक्ति से इस अभियान को बचाकर रखें । वो सोसायटी/मोहल्ले की वोट पाने के लिए हर जगह झुकते घूमते है और ऐसे उत्साही कार्यकर्ता उनके लिए खतरा होते है ।
बढ़ती भीड़ देखकर पुजारी का काम भी बढ़ता है तो उनकी सहायता भी जरूरी है ।
✍️ Nikhilesh Shandilya
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