सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।

दुनिया का सबसे अधिक क़र्जदार देश कौन सा है

चार्वाक_ऋषि :

आदिकाल में चार्वाक नाम के एक #नास्तिक विचारक हुए, जो ईश्वर, पुनर्जन्म, मर्यादा, इत्यादि में विश्वास नहीं रखते थे. वे "मैं" को "हम" से ऊपर रखते थे. 

ऐसा लगता है कि आज #अमेरिका ने "ऋषि" चार्वाक के अधिकांश विचारो को पूरी तरह से आत्मसात किया है। चार्वाक जी कहते थे :

यावज्जीवेत्सुखं जीवेत्; ऋणं कृत्वा घृतं पिबेत् ।
भस्मीभूतस्य देहस्य पुनरागमनं कुतः ।।

भावार्थ :
मनुष्य जब तक जीवित रहे तब तक सुखपूर्वक जिये । ऋण (#कर्ज) ले कर के भी "घी पिये" । 

अर्थात् व्यक्ति कोसुख-भोग (#ऐश) करने के लिए जो भी उपाय करने पड़ें, उन्हे करना चाहिए। दूसरों से भी उधार (EMI) लेकर भौतिक सुख-साधन जुटाने में कोई हिचक नहीं । 😀

परलोक, पुनर्जन्म और आत्मा-परमात्मा जैसी बातों की परवाह न करे । भला जो शरीर मृत्यु पश्चात् भष्मीभूत हो जाए, यानी जो देह दाहसंस्कार में राख हो चुके, उसके पुनर्जन्म का सवाल ही कहां उठता है । जो भी है इस शरीर की सलामती तक ही है और उसके बाद कुछ भी नहीं बचता इस तथ्य को समझकर सुखभोग करे, उधार लेकर ही सही ।

#मरिक्का को लोग विश्व के सबसे समृद्ध देश (According to Size of GDP) के रूप में जानते हैं. सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की सूची में अग्रिम है।

परंतु कोई ये नही पूछता/बताता/जानता है कि दुनिया का सबसे बड़ा #कर्जदार_देश कौन सा है?

जी.. अमेरिका ही है... कर्जा उठाने में हमेशा से "चैंपियन".. आज उनका कुल कर्ज है 35.70 TRILLION Dollars ($35,700,000,000,000)...!!!! सिर्फ इस 1 अक्टूबर को, जो अमरीकन वित्तीय वर्ष का पहला दिन है, सरकार ने 204 बिलियन कर कर्ज लिया ताकि सरकार "दैनिक खर्च" चला सके.

तुलनात्मक रूप से बताऊं तो आज भारत पर "विदेशी" कर्ज $660 बिलियन डॉलर है। (जबकि भारत सरकार पर कुल देसी+विदेशी कर्ज 2.4 ट्रिलियन डॉलर है)

32 करोड़ की अमेरिकन आबादी में 130 करोड़ #क्रेडिट_कार्ड का उपयोग हो रहा है.. प्रत्येक नागरिक व्यक्तिगत रूप से भी आकंठ कर्ज में डूबा हुआ है। फ्रिज, टीवी, मकान, फर्नीचर, कार, शिक्षा, होलीडे पैकेज, इत्यादि सब कुछ EMI पर मिलता है। यहां तक कि वेश्यायें को भुगतान करने में भी EMI की "सुविधा" है..

सरकार तो दबा के कर्ज ले रही है और कर्ज ले कर #मुफ्तखोरी करा रही है। वहां भी और "यहां भी"...

अमेरिका वाले (और अब भारत वाले भी) चार्वाक जी के बताए मार्ग पर चल रहे हैं. कर्जा ले कर #घी पी रहे हैं...😜 

चार्वाक की तरह प्रत्येक अमेरिकन यही मानता हैं - "U live Life is only Once".

अपने देश में "अख्तर का लौंडा" भी युवा पीढ़ी को यही "अफीम" पिलाया है -

 #जिंदगी_ना_मिलेगी_दोबारा ... "जी ले जरा..." चार बोतल वोदका...", "चार बज गए लेकिन पार्टी अभी बाकी है".... 

क्रमश : 🥹🥺🥹

टिप्पणियाँ