सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।

पेट्रोल-डीजल में एथेनॉल मिक्सिंग पेट्रोलियम के आयात और अरब देशों पर हमारी निर्भरता कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण लक्ष्य था, जिसे समय से पूर्व पूरा कर लिया गया है...

पेट्रोल-डीजल में #एथेनॉल मिक्सिंग #पेट्रोलियम के आयात और अरब देशों पर हमारी निर्भरता कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण लक्ष्य था, जिसे समय से पूर्व पूरा कर लिया गया है...

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह जो 99000 करोड़ रुपए की बचत हुई है वह पैसा हमारे ही किसानों की जेब में गया है (जो पहले अरब देशों के पास जाता था) और जगह-जगह जो एथेनॉल बनाने वाले प्लांट लगे हैं उसमें लाखों युवाओं को रोजगार मिला है (अन्यथा हमारा यह पैसा अरब-अफ्रीका के लोगों को रोजगार देने में काम आता), हमारे विदेशी मुद्रा भंडार में भी कमी आती और अरब देशों पर हमारी निर्भरता आतंकवाद के विरुद्ध हमारे संघर्ष को कमजोर बनाती...

अब पेट्रोल में एथेनॉल का प्रतिशत भी बढ़ने वाला है और डीजल में भी इथेनॉल की मिक्सिंग शुरू होने वाली है तो सोचिए आयात खर्च में बचत, किसानों की जेब में जाने वाला पैसा और युवाओं को रोजगार तीनों में वृद्धि होने वाली है...

ऐसी ही दीर्घकालीन नीतियां बनाना ही तो सरकार का असली कार्य है...

सन 2019 में जब मैं दिल्ली में पदस्थ था तो विदेश मंत्रालय में पदस्थ मेरे एक मित्र ने बताया था कि सरकार का लक्ष्य सन 2026 तक पेट्रोलियम के आयात में 20% की कमी लाना है और इसके लिए 11 अलग-अलग मंत्रालयों की एक समन्वय समिति बनाई गई है जिसने 11 मुख्य कार्यक्षेत्र (Actionable Areas) निर्धारित किए हैं, इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए (4-5 वर्ष पूर्व इस पर मैंने एक फेसबुक पोस्ट भी लिखी थी खोज कर दोबारा पोस्ट करने का प्रयास करूंगा)...

उस समय तो मैंने मित्र की बात को मजाक में उड़ा दिया था कि "अरे यार 20 साल से मैं भी इसी सिस्टम में काम कर रहा हूं और पता है कि इस तरह की हवा हवाई बातें और लक्ष्य तो हमेशा निर्धारित होते रहते हैं पर उन पर काम नहीं होता है". लेकिन मात्र 5 वर्ष बाद आज दोबारा उन बिंदुओं को देखता हूं तो पाता हूं कि मैं कितना गलत था क्योंकि सरकार ने उनमें से अधिकांश लक्ष्य समय से पूर्व प्राप्त कर लिए हैं.

#Ethenol
#Petroleum

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