- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
बांग्लादेश में पिछले कुछ माह हिंदुओं के विरुद्ध इतने अत्याचार हुए फिर भी इंडिया बंग्लादेश के बीच क्रिकेट श्रृंखला कराना कहा तक उचित है? क्या हम अपने स्वाभिमान को भी भूल चुके हैं?
प्रस्तुतकर्ता
Deepak Kumar Dwivedi
को
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
भाई_चारा :
▪️ पिछले एक महीने से भंगलादेश में हिंदुओं पर अकारण ही अकल्पनीय अत्याचार हुए हैं.
▪️ प्रतिदिन हिंदुओं को पूरी तरह से "साफ" करने की धमकी दी जा रही है।
▪️ भंगलादेश ने भारत को मछली का निर्यात बंद कर दिया गया है।
▪️ हिंदुओं को बलात मज्जाब में मतांतरित करने का प्रयास होने के दृश्य आम हो चले हैं.
बदले मे इंडिया ने हिंदुओ के प्रति अत्याचार का विरोध कैसे जताया जानते हैं?
अरे भाई !! ये महात्मा बुद्ध और "महात्मा" गांधी का देश है. उन की शिक्षा है कि जो आप पर हिंसा करते हैं; आप उन के नुमाइंदो के पैर धोवो, माला पहनाओ, गीत गान से स्वागत करो ....🥺
आज जब उसी भांगलादेस की किरकिट टीम भारत पहुंची तो ऐसा भव्य स्वागत हुआ.
मोई जी के "दाहिने हाथ" मोटा भाई के पुत्र जय शाह का क्रिकेट के प्रति प्रेम अदभुत है..
किरकेट से दोनो देस के बीच भाई चारा बढ़ेगा...
और नेता/व्यापारी की बात छोड़िए... सामान्य परिवारों के (हिंदू समाज के) लड़के / लड़कियां #पैसों के लिए झुकने/ताली बजाने के लिए तैयार भी हो जाते हैं. शायद "पापी "पेट" का सवाल है" वाला बहाना ऐसे कुकर्म को जस्टिफाई कर देता है....
सब चंगा सी.... आप लोग इस पोस्ट पर क्यों समय बर्बाद कर रहे हो.... जाओ "फक्क् बोर्ड" वाली ईमेल भिजवाओ. नही तो तुम्हारे ऊपर ही दोषारोपण होगा
- तुम "हिन्नु लोग ईमेल ईमेल नही खेले इसलिए मोई जी फक्क बोर्ड कानून को निरस्त नही कर पाए....!!!!
😔😷🙄
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें