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भारतीय उपमहाद्वीप से सिमटता हिन्दू: कारण और समाधान

साप्ताहिक विमर्श मिलन 
दिनांक -15/09/2024 

जय सनातन भारत - अतुल्य भारत अखण्ड भारत मिशनएवं युगांतर - राष्ट्रीय युवा प्रोफेसनल फोरम* द्वारा सनातन एवं राष्ट्रीय जागरण के लिए के प्रति सप्ताह रविवार को साप्ताहिक विमर्श मिलन का आयोजन किया जाता है जिसमें विमर्श संबंधी विषयों पर सार्थक चर्चा एवं चिंतन/मनन किया जाता है। 

विषय - भारतीय उपमहाद्वीप से सिमटता हिन्दू: कारण और समाधान पार्ट -1 

CA राजीव कुमार जी - साप्ताहिक विचार विमर्श की चर्चा राजीव कुमार जी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन के साथ शुरू की है। उन्होंने कहा कि आज के समय हिंदू धर्म का बस पतन नहीं हो रहा है क्रिश्चियनिटी एवं बौद्ध मत का भी पतन हो रहा है आज के समय में पश्चिमी में देशों की यह स्थिति हो गई कि युरोप और अमेरिका में बहुत बड़ी आबादी नास्तिक हो चुकी अपने मत को छोड़ चुकी है और लगाकर क्रिश्चियनिटी का पतन हो रहा है उसी तरह बौद्ध धर्म भी जापान चीन में समाप्त होने की स्थिति में पहुंच चुका है और अब बौद्ध धर्म के दो किले बचे हुए म्यांमार और श्रीलंका उसके आलावा अब बौद्ध धर्म बचा नहीं हुआ कारण ग्लोबल मार्केट फोर्सेज लोकतंत्र और कम्युनिज्म और वैश्विककरण के एजेंडे नारीवादी आंदोलन जिसके कारण क्रिश्चियनिटी और बौद्ध धर्म का पतन बहुत तेजी से हो रहा है क्योंकि वैश्विककरण, ग्लोबल मार्केट फोर्सेज, लोकतांत्रिक प्रणाली और नारीवादी एजेंडे के कारण पश्चिमी देशों में परिवार व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है यही स्थिति चीन की है। अमेरिका ने जब 1979 में चीन में निवेश करने के समझौते पर हस्ताक्षर किया तब चीन के समक्ष एक शर्त रखी थी आपको one child policy लागू करनी पड़ेगी चीन ने शर्त के अनुसार से यही किया जिसके कारण चीन जनसंख्या लगाकर घटती जा रही है आज स्थिति हो चुकी चीन की सरकार बच्चे पैदा करने के लिए 23 लाख की प्रोत्साहन राशि दे रही है यही नारीवादी एजेंडे भारत में थोपने का प्रयत्न किया है हम दो हमारे दो नारा दिया गया था जिसके कारण हिंदू समाज ने परिवार नियोजन के कार्यक्रम में जुड़कर अपने हाथों अपने पैर कुल्हाड़ी मार ली है जिसके कारण हिंदुओं की जन्म-दर घटकर 1.8 हो गई है। लेकिन प्रतिस्थापन स्तर प्रजनन स्तर (replacement rate population ) 2.1 होनी चाहिए लेकिन हिंदुओं की संख्या लगातार घट रही है । लगातार हिंदुओं की और क्रिश्चियनिटी बौद्ध मत के मानने वाले लोग संख्या घटने के पीछे कारणों को समझने का प्रयास करेंगे तो यह समझ आएगा लोकतांत्रिक प्रणाली सबसे बड़े कारण के रूप में सामने आएगी लोकतांत्रिक प्रणाली के कारण लगातार धर्म संस्कृति का ह्रास होता जा रहा है लोकतांत्रिक व्यवस्था में बाह्य हस्तक्षेप बहुत आसानी से हो सकते हैं यहां तक लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को ग्लोबल मार्केट फोर्सेज चलाती है वही सरकार की नीतियों को तय करती है। ग्लोबल मार्केट फोर्सेज यह कभी नहीं चाहेंगी धर्म संस्कृति बचे क्योंकि धर्म संस्कृति और परिवार व्यवस्था रहेगी तो उनके व्यावासिक हितों को नुक्सान होने की संभावना है इसलिए ग्लोबल मार्केट फोर्सेज अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए दुनियाभर की लोकतांत्रिक तरीके चुनी गई सरकारों पर दबाव बनाती वैश्विककरण और नारीवादी एजेंडों को बढ़ावा देने के लिए अपने हिसाब से नीतियां बनवाती कोई सरकार उनकी बातों को नही अपने पाले हुए वामपंथियों के माध्यम से उस देश में अराजकता हिंसा फैलाकर सत्ता परिवर्तन करने का प्रयास करती है यहां तक बंग्लादेश जैसी स्थिति निर्मित करती है कोई देश उनकी बातों को नही माने तो ईरान और नेपाल जैसा हश्र कर देती है। आज के समय में वही मत बचे हुए जिनके राजतंत्रात्मक व्यवस्था आज भी सऊदी अरब में आज भी राजशाही जिसके कारण इस्लाम तेजी बढ़ रहे हैं उसके कई कारण उसमें सबसे बड़ा कारण मुस्लिमो की परिवार व्यवस्था समाजिक व्यवस्था सुदृढ़ है हिंदुओं ईसाईयों बौद्धो की परिवार व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। इसलिए लोकतांत्रिक व्यवस्था में रहेगी धर्म संस्कृति की रक्षा कर पाना पूरी तरह से संभव नहीं है अब हम लोकतांत्रिक व्यवस्था के विकल्प के तालश करने की आवश्यकता है , मैं पहले मानता धार्मिक राजतंत्रात्मक व्यवस्था को स्थापित किया जा सके लेकिन आज के संदर्भ में यह संभव नहीं है लेकिन चीन जैसा सिस्टम आज के समय में संभव है इस पर विचार करने की आवश्यकता है। 

पंडित शैलेन्द्र सिंह तिवारी जी - हिंदू समाज में की सबसे बड़ी समास्या यह कि हिंदू समाज अपने अंदर कमी देखने लगता है और अपने धर्म सुधार करने का सबसे अधिक प्रयास करता है जिसके कारण हिंदुओं की संख्या लगातार घट रही है । ऐसा चलता रहा तो कुछ वर्षों में हिंदू धर्म का लोप हो जाएगा। 

डॉ मनीष तिवारी जी - अब समय आ चुका कि एक मजबूत हिंदू तंत्र बनाने की आवश्यकता है हिंदू समाज में जन जाग्रति लाने के बड़े स्तर पर प्रयास करने की आवश्यकता है। 

प्रवीण जी - हम लोकतांत्रिक व्यवस्था में कमी निकलने की अपेक्षा वर्तमान में चल रही लोकतांत्रिक व्यवस्था की उपलब्धियां से सीखकर एक मजबूत हिंदू तंत्र बनाकर हिंदू समाज को इतना संगठित किया जाए सरकार किसी की रहे सिस्टम हमारा रहना चाहिए। 

- आज के समय स्थिति इतनी विकट हो चुकी भारत पाकिस्तान क्रिकेट मैच होते विशेष समुदाय के मोहल्ले में पुलिस लगानी पड़ती है । इसलिए अब हिंदूओ को अपने घरों में शस्त्र रखना पड़ेगा।

S.P तिवारी जी डोर टू डोर संपर्क करने की आवश्यकता है हिन्दू समाज की निचली जातियों को अपने साथ जोड़ने के लिए बड़े स्तर प्रयास करने पड़ेंगे तभी बड़े स्तर पर परिवर्तन संभव है। यह सबकुछ समयबद्ध तरीके से करना पड़ेगा। 

डॉ हेमंत चौहान जी - आज के समय स्थितियां बहुत विकट होती जा रही है अभी हमने ख़बर पढ़ी उत्तराखंड 28 गांव हिंदू विहिन हो गए हैं हम लोग आपस में ही लड़ रहे हैं मै बहुत क्रांतिकारी विचार का व्यक्ति हूं और सही को सही ग़लत को ग़लत कहने पर विश्वास रखता हूं मैं एक घटना शेयर करना चाहता हूं हमारे दुकान के पास पीपल का एक वृक्ष था जहां पर लोग बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं वही पर रहने वाले पंडित जी को और ठाकुरसाहेब को क्या सूझी और उन्होंने मुस्लिमो को बुलाकर पीपल के वृक्ष को काट दिया उसकी जगह पर दो छोटे पीपल की वृक्ष लगा दिए उनकी राजनीतिक धमक बहुत अधिक इसलिए किसी ने कोई प्रतिरोध नहीं किया है इससे स्पष्ट होता हिंदू समाज में जन जाग्रति और शत्रु बोध का पूरी तरह अभाव है ।

जय श्री हरि

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