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बीजेपी को सेंकड लाइन ऑफ लीडरशिप चाहिए या रिमोट कंट्रोल लीडरशिप चाहिए यह बीजेपी को तय करना होगा।

बीजेपी को सेंकड लाइन ऑफ लीडरशिप चाहिए या रिमोट कंट्रोल लीडरशिप चाहिए यह बीजेपी को तय करना होगा। रिमोट कंट्रोल और पर्ची मुख्यमंत्री बनाने के चक्कर में बीजेपी की स्थानीय स्तर पर कमजोर होती जा रही ऐसा चलता रहा तो बीजेपी का हश्र कांग्रेस जैसा हो सकता है । योगी आदित्यनाथ जी हेमंत विश्व सरमा पुष्कर सिंह धामी देवेन्द्र फडणवीस जी बीजेपी के लिए एसट इनकी उम्र बहुत कम है इसलिए इन्हें लंबी राजनीति करनी है इसलिए अभी योगी जी हटाने का कोई औचित्य नहीं है 48 साल के युवा मुख्यमंत्री राजनीतिक हत्या करने की मुर्खता बीजेपी कभी नहीं करेगी तो बीजेपी इस तरह की मुर्खता करेंगी तो उतर प्रदेश से 30 से 40 साल के लिए साफ हो जाएगी कल्याण सिंह हटाया गया था उत्तर प्रदेश में बीजेपी 18 साल तक सत्ता से बाहर हो गई थी योगी हटाया जाएगा 40 साल के लिए बाहर हो जाएगी यह मै नहीं कह रहा हूं वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप सिंह अमिताभ अग्निहोत्री कह चुके उतर प्रदेश में आज किन्हीं दो नेताओं के पास वोट वो योगी और मोदी उत्तर प्रदेश में भाजपा की सीटें कम होने कारण आरक्षण खत्म होने की अफवाह गलत टिकट वितरण कांग्रेसी कल्चर को बढ़ावा देना उतर प्रदेश में भाजपा का वोट शेयर 42% आज भी है 2024 में भाजपा 42% ही वोट मिला 2014 के बराबर है वही योगी आदित्यनाथ जी 2017 सीएम बनाने के बाद भाजपा 2019 के लोकसभा चुनाव में 49% वोट शेयर मिला था सपा बसपा के मजबूत गठबंधन के वावजूद बीजेपी 62 सीट जीती थी एनडीए को 51% वोट शेयर प्राप्त हुआ था सपा बसपा के गठबंधन के वावजूद 2019 में 50% वोट शेयर प्राप्त करना और 62 सीट जीतना बीजेपी के लिए बहुत उपलब्धी है । 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 325 सीट मिली लेकिन भाजपा का वोट शेयर 39% था लेकिन 2022 में भाजपा को 41% वोट मिले और एनडीए को मिलकर 46% वोट भाजपा गठबंधन को मिले भाजपा को 255 सीट मिली एनडीए को 273 सीट मिली बसपा कभी 23% की पार्टी हुआ करती थी आज 9% की हो गई बसपा को वोट सपा में शिफ्ट हुआ है बीजेपी का वोट इंटेक्ट है टिकट वितरण सही होता कांग्रेस कल्चर बीजेपी में न पनपता और संघ को आतंकवादी संगठन भगवा आंतकवाद थ्योरी देने वालों टिकट न दिया जाता हेमंत शर्मा नामक पत्रकार कहने पर टिकट वितरण नहीं होता उतर प्रदेश में बीजेपी 2019 जैसा प्रदर्शन करती है लेकिन बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को अंहकार हो गया था अपने संगठन लोकल लीडरशिप से कार्यकताओं से बड़ा मानने लगे थे 400 पार का नारा केंद्रीय नेतृत्व ने दिया बीजेपी आईटी सेल विपक्ष के नारेटिव काउंटर करने में विफल रही है लेकिन चुनाव परिणाम के बाद केंद्रीय नेतृत्व के इको सिस्टम द्वारा उत्तर प्रदेश की हार ठीकरा योगी आदित्यनाथ जी पर फोड़ने लग गए उत्तर प्रदेश में भाजपा मुख्यमंत्री के कारण हारी है तो राजस्थान महाराष्ट्र हरियाणा में भाजपा क्यो हारी क्योंकि इन तीनों राज्यों में केंद्रीय नेतृत्व द्वारा दी गई पर्ची से बनाए गए पर्ची मुख्यमंत्री बनाए गए थे यहां तक मध्यप्रदेश में भाजपा की बुरी स्थिति होती लेकिन मामा संघ ने मध्यप्रदेश को संभाल लिया उतर प्रदेश में हार के लिए योगी जी दोषी है तो राजस्थान महाराष्ट्र हरियाणा में कर्नाटक में हार के लिए पर्ची मुख्यमंत्री कर्नाटक पूर्व पर्जी मुख्यमंत्री दोषी नहीं है यह तर्क सिर्फ योगी जी पर ही लागू होता है । 

उत्तर प्रदेश में भाजपा का वोट शेयर कम नहीं हुआ बढ़ा है 2014 41% था 2024 में 42% है विधानसभा में 2017 में बीजेपी का वोट शेयर 39% था 2022 में बढ़कर 42% हो गया 2017 में सपा 22% बसपा 23% मिले थे भाजपा को 39%शेयर 325 जीती जीती थी क्योंकि 2017 का चुनाव त्रिकोणीय था इसलिए भाजपा को 325 सीट मिली थी 2019 और 2022 का चुनाव दो ध्रुवीय था इसके कारण भाजपा सीटें कम मिली इसे ऐसे समझ सकते हैं बसपा का 2017 में वोट शेयर 23% था 2019 में 22% था जो 2024 में घटकर 9% हो गया 2022 में 23 से घटकर घटकर 12% हो गया और सपा का बढ़ गया सपा 32% पर पहुंच गई लेकिन बीजेपी का इंटैक्ट रहा यहां तक 2019 और 2022 के चुनावों भाजपा का वोट शेयर 10% तक बढ़ा है 2019 में 2014 की तुलना में 9% बढ़ा 2017 की तुलना में बीजेपी का वोट शेयर 3% बढ़ा लेकिन बसपा के वोट कम होने कारण मुस्लिम वोट एकतरफा सपा में जाने के कारण एससी वोट कुछ 2022 में सपा शिफ्ट हुआ जिसके कारण 2022 का चुनाव दो ध्रुवीय हो गया जिसके कारण भाजपा का 3% वोट बढ़ने के कारण भाजपा को 255 मिली पिछले 40 साल में उतर प्रदेश में पहली बार उतर प्रदेश में कोई सरकार रिपीट हुई है योगी आदित्यनाथ जी उतर प्रदेश के राजनीतिक इतिहास के दूसरे मुख्यमंत्री जो दूसरी बार रिपीट हुए हैं सपा बसपा की सरकारे कभी रिपीट नहीं कर पाई यह सब योगी जी कारण हुआ फर्स्ट पोल सिस्टम में एक वोट शेयर गिरता है तो दूसरी पार्टी फायदा होता है सत्ताधारी पार्टी वोट शेयर बढ़ता भी उतना नहीं बढ़ता जितना बढ़ना चाहिए जिसके कारण प्रचंड बहुमत से वापसी हो सकें । उत्तर प्रदेश में भाजपा के योगी आदित्यनाथ जी मजबूत स्तंभ है योगी जी उम्र बहुत कम उनके पास समय बहुत है इसलिए उन्हें हटाने के बारे सोचना बीजेपी को उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में साफ़ कर देगा। उत्तर प्रदेश या किसी राज्य में जनता लीडर देखकर वोट करती है योगी आदित्यनाथ जी का विकल्प उतर प्रदेश में नहीं अगले 20 साल तक नहीं है चुनाव में हार जीत होती रहती है एक बार हारेंगे तो अगली बार जीतेंगे एक चुनाव के परिणाम के बाद सब खत्म हो जाएगा यह मानना पूरी तरह से ग़लत है मुझे पूर्ण विश्वास MYogiAdityanath जी 2024 के चुनाव परिणामों सीख लेकर 2027 में प्रचंड बहुमत के साथ वापसी करेंगे

दीपक कुमार द्विवेदी

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