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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
प्रस्तुतकर्ता
Deepak Kumar Dwivedi
को
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इसका निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी अंकित मिश्रा ने किया तथा इस में अभिनय करने वालों में मुख्य भूमिका में विशेष मिश्रा ग्लोरी जयसवाल संध्या सिंह रेहान अंसारी और स्वयं अंकित मिश्रा ने किया तथा अन्य भूमिकाओं में दीपक पटेल और मोनिका शुक्ला ने अभिनय किया।
रीवा के दर्शकों एवं नाट्य प्रेमियों की मांग पर एक बार फिर से नाटक "मौत क्यों रात भर नहीं आती" का कुल तीन बार मंचन हुआ। जिसमें तीनों दिन अलग अलग कलाकारों टेक्नीशियन और निर्देशक ने मंचन किया वरिष्ठ रंगकर्मी अंकित मिश्रा द्वारा संचालित रंग उत्सव कार्य शाला रीवा में प्रताप सहगल द्वारा लिखित नाटक "मौत क्यों रात भर नहीं आती" का सफल मंचन हुआ।
नाटक के नाम से ऐसा लगा कि किसी गंभीर विषय पर मंचन होगा परंतु अपने नाम के विपरीत इस नाटक ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया। इसकी कहानी एक मध्यमवर्गीय परिवार के व्यक्ति की है जो कर्ज के बोझ तले तथा अपने परिवार की जरूरतों को पूरा न कर पाने की वजह से आत्महत्या करने का निर्णय लेता है।
आत्महत्या के विभिन्न तरीकों को अपनाने की कोशिश करता है। हर तरीके में विफल रहता है। आत्महत्या के विभिन्न तरीकों को अपनाने की प्रक्रिया से हास्य रस उत्पन्न होता है। भाग्य की विडंबना देखिए जिन पैसों की वजह से वह आत्महत्या करना चाहता है।
नहीं मर पाता और जब आकस्मिक लाभ की वजह से उसे 20 हजार डॉलर की प्राप्ति होती है तो उस खुशी से उसका हृदयाघात की वजह निधन हो जाता है। दर्शकों ने खूब आनंद लिया। शहर के बहुत से रंगकर्मी विभू सूरी हरिश धवन ऋचा पांडे प्रसून मिश्रा दिव्यांशु सिंह शिव मोहन सिंह भूमिका निगम आदि उपस्थित रहे
सूरज नारायण पाण्डेय
फिल्म समीक्षक
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