सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।

आजकल dentist का बहुत बोलबाला है हरेक छोटे मोटे दंत चिकित्सक के पास भीड़ लगी रहती है ।

 Canada America, newziland में अगर दांतों की समस्या हो तो आपको देश छोड़कर किसी third world country जैसे की इंडिया में शरण लेनी पड़ती है क्योंकि डेंटिस्ट के पास 3 महीने की waiting चलती है और इलाज इतना महंगा है कि आपको घर तक बेचना पड़ सकता है । भारत में भी जैसे जैसे विकास हो रहा है लोगों के दांत खट्टे होने शुरू हो गए हैं । एक एक दांत कम से कम 5000 रूपए में repair हो रहा है उपर से दांत भी भगवान ने 32 दे रखे हैं । छोटे छोटे बच्चों के दांतों पर चॉकलेट , बिस्कीट,jelly कहर बनकर टूट पड़े हैं हैं अब दूध के दांत टूटते नहीं गल रहें हैं । 

लेकिन आज से 30 वर्ष पहले ऐसा नहीं था । दांत के डॉक्टर मक्खियां मारते थे इनके घर कोई रिश्ता नहीं करता था । लेकिन देशी विदेशी पेस्टों की ऐसी कृपा हुई कि आजकल dentist hot spelling केक से बढ़कर हैं । पेस्टो के दांतों की जो ऐसी तैसी फेरी वो तो है ही साथ की साथ मुधमेह , बीपी की समस्या मुफ्त में खड़ी कर दी क्योंकि पेस्ट रूपी राक्षक मुंह में रहने वाली लार को ही खा गया जिसमें कई गुड बैक्टीरिया रहते थे जो भोजन को अच्छी तरह पचाने में जिम्मेदार थे । अब तूरा यह कि अगर आपने अपने संत जल्द खराब करने हैं तो दिन में दो बार पेस्ट करें ।

यह तो होगी समस्या और अब इसका हल सुन ले वह भी फोकट का । एक खुले मुंह वाले बहुत छोटे बर्तन में हल्दी , सेंधा नमक ,सरसों का तेल बराबर मात्रा में mix कर भर लें हो सके साबुत हल्दी ,साबुत सेंधा नमक , अपना घर का तेल इस्तेमाल करें । इस आयुर्वेदिक दंत मंजन को आप हर रोज ब्रश से करें और बाद में अंगुली से मसूड़ों पर मालिश करें । मैं पिछले एक वर्ष से यही कर रहा हूं मेरी अब दांतों की कोई समस्या नहीं हैं। खास बात यह है कि यह मिश्रण बिलकुल खराब नहीं होता । इससे आपको डेंटिस्ट से छुटकारा तो मिलेगा ही मिलेगा । अगर किसी को अधिक समस्या है तो चार छह लौंग कूट कर डाल सकते हैं ।

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