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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
प्रस्तुतकर्ता
Deepak Kumar Dwivedi
को
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केफीन , चाय कॉफी मे पाया जाने वाला प्राकृतिक केमिकल है , जो दिमाग के अलर्ट सिग्नल कुछ समय के लिए बढ़ा देता है , जिस से एनर्जी का झूठा आभास होता है
एक कप कॉफी मे 95 mg तक केफीन होता है , चाय मे 40 mg तक
एक दिन मे 400 mg तक केफीन लेना सुरक्षित मना जाता है, इस से ऊपर दिमाग के लिए खतरनाक होती है और शराब जैसा असर दिमाग पर करती है
केफीन से लत भी बनती है , अगर आपका दिमाग इसका लती बन गया है ,
तो आपको ये न मिलने पर सर दर्द होता है और चाय कॉफी पीते ही वो दर्द चला जाता है
400 mg देखकर आपको लगता होगा की आप 10 कप चाय 4 कप कॉफी रोज पी सकते है , पर नहीं अगर आप उसमे शुगर डालते है , ब्लैक पी सकते है | शुगर भी एक टाइप का ड्रग केमिकल होता है , मीठी चाय कॉफी दिन मे 1-2 ही ठीक होती है
केफीन लेने का सबसे अच्छा समय होता है दोपहर के बाद और सबसे बुरा होता है सुबह सुबह
और आजकल केफीन कोल्ड ड्रिंक , एनर्जी ड्रिंक , आइस क्रीम मे भी मिला होता है
एनर्जी ड्रिंक मे तो भर भर के उसमे एनर्जी केफीन से ही डाली जाती है 200 mg तक एक बोतल मे
ये बोला जाता है की ये केफीन वो ग्रीन कॉफी बीन से निकला हुआ डालते है ,
पर असल मे वो डालते है जेनथीन जो की केफीन का सस्ता केमिकल विकल्प होता है
आज कल कुछ लोग जागरूक हो गए है जान गए है की कोल्ड ड्रिंक मे बहुत शुगर होती है , इसलिए कॉम्पनीया अब उन्हे एनर्जी ड्रिंक के नाम पर पागल बना रही है
स्टिंग , चार्जर etc
इसकी डिमांड तेजी से बढ़ रही है , नचुरल केफीन महगा होता है और डिमांड जितना चाय कॉफी से निकाल लेने असंभव है
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