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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
देश के 35 लाख सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन सरकार नहीं दे पाई रही है तो सरकार 15 करोड़ किसानों के पेंशन कैसा दे सकती है?
प्रस्तुतकर्ता
Deepak Kumar Dwivedi
को
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देश में 35 लाख सरकारी नौकरी वाले हैं,जब उनको पुरानी पेंशन नहीं दे पा रही है सरकार तो ,15 करोड़ किसानों को पेंशन कैसे मिल सकता है ,और फिर जिस तरह पाकिस्तान में आटा बिक रहा यहां भी 350 रुपए किलो हो जायेगा और फिर भविष्य में भारत भी वेनेजुएला बनने की राह पर चल पड़ेगा।
सारी मांगे मान ली जाएंगी तो भी ये वापस नहीं जाएंगे इनको अराजकता फैलाने के पैसे मिले है विपक्षी पार्टियों और देश के दुश्मनों से तो इन् पर 36 लाख क्या 36 पैसे भी बर्बाद नहीं करना चाहिये सरकार कोlइन्होंने किसान वर्ग को कलंकित किया है असली किसानों को इन अराजक तत्वों के विरोध में आना चाहिए
कैसा अन्नदाता?
हर प्राणी अपना अन्नदाता स्वयं है
या तो उसका परिवार या परमपिता परमेश्वर उसमे भागीदार है!
कोई किसी को न फ्री मे अन्न दे रहा है न किसी पर कोई एहसान कर रहा है!
हर प्राणी जीविका के लिए दिन रात वैसे ही मेहनत करता है जैसे किसान!
कोई अपने को परमेश्वर समझने की वहम न पाले ।
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