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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
प्रस्तुतकर्ता
Deepak Kumar Dwivedi
को
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कई लोग कह रहें हैं कि भारत अमेरिका का स्थान लेगा क्योंकि अफगानिस्तान में तालिबान के हाथों हार के बाद अमेरिकन गुंडागर्दी समाप्त होने के कगार पर है ।
अमेरिका के वर्ल्ड पावर ना रहने पर बड़े बड़े 50 कॉरपोरेट माफिया जिनमें तेल माफिया , ड्रग माफिया , इंश्योरेंस माफिया , मेडिकल माफिया , ट्रेडिंग माफिया ,बैंकर माफिया आदि एक नया देश तलाश करेंगे जिसमें वह सुरक्षित रह सकें । उसमे अमेरिका जैसी सारी खूबियां हो । जैसे
1.लोकतंत्र ताकि अगर कोई सरकार इनकी बात ना माने तो उसको यह हटा सकें
2. सुरक्षित भूमि जिस प्रकार अमेरिका बिल्कुल सुरक्षित भूमि है उसके पड़ोसी कनाडा और अमेरिका बिल्कुल मित्रवत हैं ।
3. बड़ी जनसंख्या जिससे इनको सस्ती लेबर और सेना में भर्ती होने के लिए पर्याप्त संख्या में लोग मिल सकें ।
4. बहुत ताकतवर सेना जैसे अमेरिका की है । ताकि दुनिया पर कॉरपोरेट माफिया की hegimony बरकरार रह सके।
5. कम मुस्लिम जनसंख्या और आंतरिक रूप से शांत देश ।
ऊपर लिखे पांच कारणों में से लोकतंत्र , बड़ी जनसंख्या , ताकतवर सेना भारत के पास उपलब्ध है लेकिन सुरक्षित भूमि ना होना और 25 करोड़ मुस्लिम जनसंख्या कॉरपोरेट माफिया के रास्ते में बड़ी रुकावट है । इसलिए बड़े कॉरपोरेट माफिया कभी भी भारत अपना हेडक्वार्टर बनाने के लिए नहीं चुनेंगे । पाकिस्तान के टुकड़े कर सुरक्षित भूमि की समस्या कुछ हद तक ठीक करी जा सकती है लेकिन चीन का हल निकालना कठिन है ।
सबसे बड़ी समस्या कॉरपोरेट माफिया के रास्ते। में मुस्लिम जनसंख्या है जिसके लिए घरवापसी ही एकमात्र उपाय है जो अभी तक दूर दूर तक संभव नहीं ।
कॉरपोरेट माफिया चीन को नहीं चुन सकते क्योंकि चीन में लोकतंत्र नहीं है इसलिए कॉरपोरेट माफिया को चीन में नियंत्रण करना आसान नहीं । चीन ने मुस्लिम जनसंख्या को कम करके कॉरपोरेट माफिया को आकर्षित करने का प्रयास किया है लेकिन लोकतंत्र का ना होना चीन के रास्ते में रुकावट है।
कॉरपोरेट माफिया अगर अमेरिकन आर्मी में विदेशों से किराए के सिपाही भर्ती कर ले तो उसकी सारी समस्या हल हो सकती है ।
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