सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।

आइए कांग्रेस की तुष्टिकरण वाली राजनीति को समझिए

आइए तुष्टिकरण को समझिए। कर्नाटक में कांग्रेस ने अपना मेनिफेस्टो जारी किया। PFI एक प्रतिबंधित जेहादी आतंकवादी संगठन है और कांग्रेस इसकी तुलना बजरंग दल से कर रही है... उसने बजरंग दल को सरकार में आने के बाद प्रतिबंधित करने की बात कही है! पर प्रश्न उठता है,

क्या बजरंग दल, PFI की तरह या जैसा संगठन है?
क्या बजरंग दल देश की एकता और अखंडता को तोड़ने की बात करता है?
क्या बजरंग दल पाकिस्तान और ISIS से फंडिंग लेता है?क्या बजरंग दल ने कहीं बम ब्लास्ट किया है?
क्या बजरंग दल कभी देश के खिलाफ खड़ा हुआ है?

इन सबका उत्तर है नही.... क्योंकि

बजरंग दल एक सामाजिक और हिन्दू संगठन है। हिन्दू धर्म, हिन्दू मानबिन्दुओं की रक्षा, शाश्वत हिन्दू जीवन मूल्यों का संरक्षण, राष्ट्रीय सुरक्षा के उद्देश्य को लेकर एक सशक्त युवाओं की टोली देश भर में बजरंगदल के रूप में कार्य कर रही है।

‘‘सेवा, सुरक्षा, संस्कार’’ के कार्य का आधार बना कर और 'राम काज किन्हें बिनु मोहे कहाँ विश्राम' के भाव से श्रीराम के कार्य के लिए जन्मे बजरंग दल के रूप में श्रीराम के कार्य में अनवरत प्रयास रत है।

पर आपको ध्यान हो, सोनिया गाँधी और कांग्रेस ने आतंकवादी संगठन SIMI पर बैन का विरोध किया था... आज वही कांग्रेस मुस्लिम वोटरों को खुश करने के लिये जिहादी संगठन PFI की तुलना बजरंग दल से कर रही है और कह रही है कि बजरंग दल 🚩को बैन करेगी ! 

कांग्रेस का बस चले तो ये आज ही देश में शरिया क़ानून लागू कर देंगे.. 

पर इन्हें ये नही मालूम 

देश का बल है, बजरंग दल 

दुश्मन जिसका नाम सुनकर थर थर कांपे - उसका नाम, बजरंग दल।

राम काज किन्हें बिनु मोहि कहाँ विश्राम जिसका ध्येयवाक्य हो - उसका नाम बजरंग दल।

साभार
नागेंद्र जी 


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