सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।

हिन्दू त्योहारो पर इस्लामी भीड़ का कैल्कुलेटेड हमला,पत्थर से निभा रहे हैं भाईचारा, गांधीवाद प्राणघातक क्यों?


मैंने बचपन से देखा है मुहर्रम के जूलूस को अपने गांव में हमारे हिन्दू मोहल्ले से गुजरते हुए, काफिरो के कत्ल वाले भाषण जो जुमे की हर रात को मस्जिद की लाऊडस्पीकर से बजते हैं| मस्जिद की लाउडस्पीकर से हर रोज गला फाड़ चिल्लाते हुए हर रोज सुनता हूं| मैंने देखा है मुहर्रम के जुलूस से मंदिर के सामने से गुजरते हुए, मैंने देखा है मंदिर के सामने तलवारो को लहराते हुए|
दो वर्ष पहले की ही बात है मैं गांव में था, इस्लामियों का कोई पर्व था, भीड़ इकट्ठा करके, डीजे बजा कर, खुलेआम यह बताते की हम तुम्हारे बाप हैं, और भी बहुत कुछ,,,,,,,,,,, जो लिखा नहीं सकता, मैने सुना है और देखा भी है|
हम सबने यह सबकुछ बर्दास्त किया है| 

2022 की ही बात है मेरे गांव के मुसलमानो ने दुर्गा यात्रा पर मैने देखा है यात्रा निकालने पर धमकियां को देते हुए, इसके बाद पुलिस की उपस्थित में आगे के कार्यक्रम हुए थे|
हिन्दुओं की शोभायात्राओं पर पत्थरबाजी भी हम देख रहे हैं| आज ही की खबर है एक व्यक्ति अपनी दुकान में हनुमान चालिसा का आयोजन किया था, 20 इस्लामियों ने हमला कर दिया| 
बिहार के सासाराम में बम फोड़े जा रहे हैं, अभी खबर आयी है कि 16 वर्ष के नवयुवक का शव बरामद हुआ है| हम सब देख रहे हैं रमजान के इस महीने में नवाज के बाद हिन्दू दुकानो पर हमले, आगजनी, उपद्रव|
बंगाल भी हम देख रहे हैं, कैसे दिनदहारे लोगो को मारा जा रहा| 
हिन्दु त्योहारो पर यह आक्रमण और तर्क यह है कि हिन्दू मुस्लिम क्षेत्र से यात्रा निकाल रहे थे, अब ये मुस्लिम क्षेत्र किस हिसाब से कहा जा रहा है, अगर संख्याबल का हिसाब है तो पूरा भारत हम हिन्दू क्षेत्र है| 

हमने देखा है कैसे कन्हैयालाल समेत 6 निर्दोष हिन्दुओं की हत्या कर दी जाती है, हमने यह भी देखा है की फ्रांस की घटना के लिए कैसे महाराष्ट्र की सड़को पर दंगा किए जाते हैं, हम सब देख रहे हैं कैसे ईस्लामी भीड़तंत्र हिन्दुओं को संकुचित करने के लिए हमारे मंदिरो पर हमले, शोभायात्राओं पर हमले करे जा रहे हैं|

वो यह दिखाकर की देखो मस्जिद के सामने कैसे डीजे बजा रहा है, देखो मस्जिद की दीवार पर चढ़ गया, दंगे, बम धमाके , पत्थरबाजी सबको जायज ठहरा रहे हैं| पर यहां मंदिरो के ऊपर ही मस्जिद बना दी गयी उनपर सबकी जबान सिली हूयी है|

यह विशुद्ध दोगलापन है, भाईचारा की बत्ती बना कर अंधेरी गुफा में डाल लो अगर जीवित रहना चाहते हो| 
अहिंसा का संदेश सबसे घातक है, अहिंसा के उपदेश को जो भी धारण करेगा वह इस संसार में रहने योग्य नहीं है| हिन्दुओं की सबसे बड़ी मूर्खता अहिंसावाद , सिद्धांतवाद  और आदर्शवाद हैं| सिद्धांतवाद का प्रथम मूर्ख व्यक्ति प्रथ्वीराज चौहान था, काश इसे उस समय किसी बुद्धिमान ने बुद्ध दी होती तो आज यह दिन नहीं देखना पड़ता|
अभी भी हिन्दू आदर्शवाद और सिद्धांतवादी है, यह कोरी मूर्खता| जब तक आप हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं देंगे कोई प्रभाव नहीं पड़ता|
गांधीवाद प्राणघातक है| 

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