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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
प्रस्तुतकर्ता
Shivam Patel
को
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राहुल गांधी की माने तो लोग अभी तक जानते ही नहीं थे कि वास्तव में भारत क्या है | वह कह रहा है ' Yatra shows what actually India is!' .
जब व्यक्ति सत्ता के मद में चूर होकर विशेष प्रकार का सेवन अधिक मात्रा में करने लगता है तो उसके साथ ऐसा ही होता| राहुल गांधी केवल तुम्हे नहीं पता कि वास्तव में भारत क्या है? भारत का प्रत्येक व्यक्ति यह जानता है कि भारत क्या है | और आज भी मैं दावे से कह सकता 'You don't know what actually Bharat is! If it is then you didn't say India is not a nation but it is union of state.'
तुम्हे अभी भी जरूरत है भारत को जाननी कि, तुम इसके अल्फाबेट से भी परिचित नहीं हो अक्षर ज्ञान तो बहुत दूर की बात है|
राहुल RSS और भाजपा के प्रति अपनी नफरत व्यक्त करते हुए कह रहा है, " we have an ideology of hatred and violence. disrespectfull Ideology that attacks on people bcoz of their ideas and you must notice one thing this is the nature of bjp and rss."
तो राहुल गांधी यह बताएं कि 1984 में कौन शासन कय रहा था? किसने कहा था जब हाथी मरता है तो चीटियां कुचल जाती हैं? किसके कहने पर हजारो की संख्या में मासूम सिख भाईयों को मारा काटा गया? मैंने भी उस भयानक दौर की कहानी सुनी है मेरे भी एक रिलेटिव उस समय दिल्ली में काम करते थे वो बता रहे थे किस तरह वह वहां से बचकर भाग कर आए थे|
राहुल यह बताएं वह कौन सी विचारधारा जिसने किशोर कुमार के गीतो पर सिर्फ इसलिए प्रतिबंध लगा दिया था?
वह कौन सी विचारधारा थी जिसने कवियों, लेखको और अखबारो को प्रतिबंधित कर दिया|
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राहुल आगे कहते हैं, "अगर आपने विदेश मंत्री के बयानो पर गौर किया हो , वह कह रहें हैं चीन हमसे अधिक शक्तिशाली है तो हम उनके साथ लड़ाई कैसे कर सकते हैं, इस विचारधारा का जो हृदय है वह कायर है| अगर वो मुझसे कमजोर है तो मैं अपने 5-10 मित्रो के साथ उसे पीट दूंगा | किंतु अगर वह RSS वालो से तगड़ा है तो वह भाग जाते हैं|"
पहला तो यह कि हमें चीन से लड़ना ही क्यों है उसने अंतिम वर्ष सीमा पर हलचल किया था हमारे जवानो ने उसका भरपूर छवाब दिया था| लड़ाई किसी भी देश को पीछे ले जाती है| राहुल गांधी असल में चाहते हैं कि 1999 की तरह भारत युद्ध में चला जाए और जिसके परिणाम स्वरुप भारत में अनियमितताएं आ जाएं जिनका फायदा उठाकर वह सत्ता प्राप्त कर सके| जब देश युद्ध लड़ता है तो बहुत भारी मात्रा में देश का नुकसान होता है, जन और धन दोनो को भयंकर क्षति पहुंचती है| अपने जवानो को बिना किसी कारण यूं ही सनक मिटाने के लिए युद्ध में क्यों धकेल दिया जाए?
जब आवश्यक होगा तब युद्ध भी लड़ लिया जाएगा|
और दूसरा प्रश्न यह है कि जब 1962 का युद्ध चल रहा था तो राहुल गांधी के परनाना का शासन था तब उन्होने चीन को अक्साई चीन गिफ्ट में दे दिया था उस पर राहुल जी के क्या विचार हैं?? राहुल गांधी को जानकारी के लिए बता दूं कि जब आपके बाप ददा दर के मारे दुबक गये तब 1962 के चीन-भारत युद्ध में जान की परवाह न करते हुए फौजी भाईयों के रसद की आपूर्ति जिम्मा उसी RSS के स्वयंसेवको ने उठाया था जिसे राहुल गांधी कायर कह रहे हैं| यह वही RSS है जो कोविड के दौरान दिन रात एक करके समाज सेवा को ध्येय मानकर मैदान में डट गया और मुकाबला किया उस वक्त आप और आपकी पार्टी क्या कर रही थी? जब जब देश पर मुसीबत आयी तब तब स्वयंसेवको ने मां भारती की सेवा का वीणा अपने कंधो पर उठाया और हर संभव मदद लेकर पहुंचे|
वह आगे कहते हैं कि "सावरक ने अपनी किताब में लिखा है कि उन्होने और उनके 5-6 मित्रो ने एक मुसलमान व्यक्ति को पीटा और उस दिन उनको बहुत खुशी हूयी तो देखिए अगर पांच लोग एक आदमी को पीटते हैं और उनमें से किसी एक व्यक्ति को बहुत खुशी हो रही है तो वह कायरता ही है| अगर लड़ना ही है तो एक व्यक्ति से अकेले लड़ ले मगर नहीं 5-10लोग सावरकर जी के साथ एक को पीटते हैं तो इनकी विचारधारा में ये भी है| विदेश मंत्री ने कहा है कि अगर कोई देश हमशे शक्तिशाली है तो हम नहीं लड़ेगे| तो ब्रिटिश हमशे शक्तिशाली थे तो हमें उनके खिलाफ नहीं लड़ना चाहिए| हम स्वतंत्र कैसे हो सकते थे?? अगर हम बीजेपी और आरएसएस के प्रिंसिपल को फालो करते तो आज भी हम ब्रिटिश रूल में होते अतः इस विचारधारा का जो हृदय है वह कायर है|"
पहला तो राहुल यह बताएं कि सावरकर ने कौन सी किताब में लिखा है यह कि उन्होने 5-6 मित्रो के साथ मिलकर एक मुसलमान को मारा, कृपया उस बुक को हमें भी दिखाओ , हमें भी तो पता चलना चाहिए| वीर सावरकर ने देश के लिए कालापानी की सजा भुगती| कोई एक कांग्रेसी नेता का नाम बता दो जो कालापानी गया हो| सावरकर की डिग्री आमान्य कर दी गयी, उनके परिवार पर कई सारे प्रतिबंध लगा दिए गये| एक एक रोटी के लिए तरसाया गया| सावरकर की लेखनी को प्रतिबंधित किया गया| इतना भय अंग्रेजो के मन में गांधी-नेहरु का नहीं देखा| उन्हे सभी प्रकार की छूट प्रदान की गयी थी वह कही भी आ जा सकते थे| सावरकर पर आने जाने की भी रोक लगी हूयी थी|
नेहरु जी का एक जेल वाला किस्सा तो लगभग सभी ने सुना होगा| तो कौन कायर है, था यह बताने की जरूरत नहीं है|
निष्कर्ष-: राहुल गांधी ने लगभग 17 मिनट विष विष्ठा की भारत , भाजपा और आरएसएस के लिए| राहुल गांधी ने 17 मिनट में एक भी लाईन ऐसी नहीं बोली जिसमें झूठ, घृणा, मक्कारी , नफरत न झलकी हो|
यह सिरीज यहीं से समाप्त होती है|
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