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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
प्रस्तुतकर्ता
Shivam Patel
को
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राहुल कह रहा है, "You know one or two business ppl controlling prity much every business,you all know the name, he bcome specially famous these days, you see lots of report about this. you can see that and it's the expenses of Indian ppl."
आगे राहुल बाबा तीसरा नेत्र खोलकर ज्ञान दे रहे हैं " जब देश में कोई कम्पटीशन न हो, और केवल एक व्यक्ति धन कमा रहा हो, अपनी राजनीतिक पहुंच के कारण तो देश की ऊर्जा और शक्ति व्यर्थ हो जाती है| अतः एक जो चीज है जिसे हमें पुश करना चाहिए वह है कि जो युवा बिजनेश करना चाहते हैं हमें उन्हे अनुमति देनी चाहिए और उनका समर्थन करना चाहिए| हमें यह स्पष्ट करना चाहिए कि बैंकिंग सिस्टम केवल 2 या तीन लोगो के लिए काम न करें किंतु योवाओं के लिए कार्य करें, लाखो लोगो के काम करें, जो व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं| इसी प्रकार की चीजे थी जिन्हे हमने यात्रा के दौरान डिस्कस किया | "
हम सबने देखा है लास्ट के कुछ वर्षो में लगभग हर क्षेत्र में कम्पटीशन बढ़ा है, लोगो में सरकारी या प्राईवेट नौकरी की जगह स्वरोजगार के लिए आत्मविश्वास में भी वृद्धि हूयी है| आज बहुत से युवा रोजगार के लिए भटकने की बजाए स्किल्ड लोगो को रोजगार दे रहे हैं| भारत में 2014 से पहले की अपेक्षा अब अधिक लोग अपना खुद का स्टार्टअप खोल रहे हैं | अभी हमने कुछ समय पहले देखा है कि हमारे देश ने युनीकार्न की संख्या शतक हो चुकी है| सरकार व्यवशायिक विकेंद्रीकरण की नीति के तहत कार्य कर रही है| इसी दिशा में सरकार ने कांग्रेस सरकार द्वारा थोपे गये उस कानून में संशोधन भी किया जिसमें यह था कि किसी नये व्यक्ति को कोई विशेष कार्य न सौंपा जा सके, यह अर्थ का केंद्रीकरण नीती थी जो नेहरु जी के समय से चल रही थी | आज सरकार ने बैंकिंग सिस्टम में कई सारे प्रावधान किए हैं जो युवाओं को स्टार्टअप के लिए लोन की व्यवस्था करता है| स्टार्टअप इंडिया इसी दिशा में एक कदम है| लगभग सभी विश्वविद्यालयों में Entrepreneur cell हैं जो विद्यार्थियों की हेल्प करती हैं स्टार्टअप के लिए| राहुल गांधी दावा कर रहें कि उन्होने यात्रा के दौरान इन चीजो को डिस्कस किया पर कौन से गृह में किया यह किसी को भी नहीं दिखा होगा| राहुल गांधी का पूरी यात्रा के दौरान जब भी मुख खुला शिवाय विष विष्ठा के कुछ भी नहीं किया| Bjp-RSS , bjp-RSS, मौदी-अडानी ही करते रहे और नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकाने खोली जा रहीं थी| पर मैंने कही यह डिस्कसन न तो देखा न ही सुना | ये और इनके समर्थक रात दिन RSS के खिलाफ नफरत बांटते रहे, मोहब्बत की दुकान से|
राहुल गांधी हर लाईन, हर पैरा पर झूठ ही बोल रहें | पिछले दोनो पार्ट में आपने देखा कि राहुल ने झूठ , और जहल ही उगला!
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