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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
प्रस्तुतकर्ता
Shivam Patel
को
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राहुल " मैं सोंचता हूं कि मैं यहां क्यों बोल रहा हूं , मैं अचंभित होता हूं कि भारत के राजनीतिक नेता कैंब्रिज और हार्वर्ड में बात कर सकते हैं परंतु वह भारत में या भारत के किसी विश्वविद्यालय में बात नहीं कर सकता| इसका कारण है कि हमारी सरकार विपक्ष के किसी भी विचार या कांसेप्ट को अलाऊ नहीं करती है, डिस्कस करने के लिए, और यही संसद मवन में भी होता है|"
राहुल बाबा यहां पर फैक्चुअल झूंठ बोल रहे हैं, JNU, BHU से लेकर प्रयागराज विश्वविद्यालय, JMI, AMU, DU लगभग लगभग सभी विश्वविद्यालयों में विरोधी विचार रखे जाते हैं| मैं स्वयं LU का छात्र हूं मेरे यहां भी सरकार के अगेंस्ट विचार रखे जाते हैं लोग स्वागत करते हैं| भारत जोड़ो राहुल बाबा भारत में ही कर रहे थे, लंगन या कैंब्रिज में नहीं| हर रोज मोदी सरकार के खिलाफ विष वमन भारत में रहकर ही करते हैं, तो राहुल का यह कहना कि उसे बोलने नहीं दिया जाता मक्कारी है|
राहुल बाबा बता रहे हैं कि बिल्कुल यही संसद भवन में भी होता है, तो राहुल ब्रो, या तो आप हल्ला गुल्ला कर लें, शियांरो जैसे मिमियाने की आवाजे आती है संसद भवन से, सबलोग देखते ही हैं, तो यह भी कहना कि संसद भवन में मौक नहीं दिया जाता झूठ और मक्कारी है|
आगे....
"जब महत्वपूर्ण चीजे होती हैं, जिन पर बात करना जरुरी है, जैसे Demonitisation, GST etc., फैक्ट यह भी है कि चीन हमारी टेरीटरी पर घुसा हुआ है, और जब हम सवाल पूछते हैं तो संसद पर हमें प्रश्न उठाने नहीं दिया जाता, यह तथ्य है, शर्मनाक है लेकिन सत्य है, यह विचार नहीं है जिसे हम सभी जगह उपयोग करते हैं|"
फैक्टुअली राहुल गांधी यहां पर भी झूठ बोल रहा है, पिछले आठ वर्षो में थाईलैंड से मसाज और इटली से छुट्टियां काटने जब भी राहुल भारत आता है और संसद भवन जाता है तब तब उसने इन सभी प्रश्नो को उठाया है और सरकार ने जवाब भी दिया है| चीन मामले पर तो स्वयं प्रधानमंत्री ने देश के नाम संबोधन पर बोला था, और गृह मंत्री जी ने भी संसद भवन में इस प्रश्न का जवाब दिया है|
राहुल , "हमारा देश खुले विचारे वाला देश है जिसपर हमें गर्व है, इसकी बुद्धिमत्ता पर भी| हम एक दुसरे के विचारो को सम्मान देते हैं और सुनते हैं| यह सब खत्म कर दिया गया है| आप भी मीडिया पर नैरेटिव देख सकते हैं| भारत जोड़ो यात्रा का मुख्य उद्देश्य जो था वह यही था कि जो संस्थाएं लोगो को विचारो के expression को रखने की स्वतंत्रता प्रदान करती हैं, जो लोकतंत्र की रक्षा करती हैं, वह BJP द्वारा अधिगृहीत कर ली गयी हैं| तो हमने सोंचा कि विचार करने का , प्रतिक्रिया देने का , भारत के लोगो को दिशानिर्देशित करने का यह एक अच्छा तरीका है| और ट्रेडिनशनली यह यात्रा है|"
यह बात सत्य है भारत खुला देश है, इसके द्वार औबके लिए खुले हैं और आज भी भारत सर्वे भवंतु सुखिना, सर्वे संतु निरामयः के मार्ग पर चल रहा है, राहुल का यह आरोप की भारत के ओपेननेस को खत्म कर दिया गया, विचारो का सम्मान खत्म कर दिया गया यह झूठ है| भारत जोड़ो यात्रा एक उद्देश्य विहीन और असफल यात्रा रही है, राहुल गांधी जिस डेमोक्रेसी को प्रोटेक्ट करने की बात कर रहें हैं वह सुरक्षित है उसे अगर जब किसी से खतरा था वह आपका खानदान था, जब देश को अपनी सनक और सत्ता बचाने के लिए इमरजेंसी में धकेल दिया गया और तानाशाही स्थापित की गयी, इमरजेंसी के दौर में जब देश के सम्पूर्ण विपक्षी विचारो को जेल में ठूसकर संविधान की प्रस्तावना संसोधित कर दी गयी वह थी लोकतंत्र की हत्या| आज लोकतंत्र सुरक्षित है और भारत एक सुरक्षित हांथो में है यह लोग कह रहे हैं परिणाम 2024 में फिर दिखेगा, 19 में दे ही चुके होंगे|
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