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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
प्रस्तुतकर्ता
Deepak Kumar Dwivedi
को
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शुद्ध सोना (शुद्ध सोना) निवेश के मानक पर खरा उतरता है |
1. तरलता
2. जोखिम
3. वापसी
4. नैतिकता व्यवस्था
और कोई भी निवेश इन चारों पैमानों पर नहीं उतरता। अब हम विभिन्न निवेशों का मूल्यांकन चार पैमानों पर समसामयिक अध्ययन करेंगे।
1. तरलता
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तरलता निवेश के लिए आवेदन की रूपरेखा यह है कि अगर कल आपको धन की आवश्यकता है तो जल्द ही आपको निवेश करना होगा। इस मामले में ज़मीन में निवेश बिल्कुल भी अच्छा नहीं है। बीमा में निवेश किया गया पैसा आपको बिल्कुल समय की आवश्यकता नहीं है। यदि आपका बीमा भरा हुआ है और आपको अचानक धन की आवश्यकता है और आपने रखा है, तो बीमा कंपनी आपको बताएगी कि आपने जो पैसा बीमा में निवेश किया है, वह उसी समय पैसा मिल सकता है, यदि आप मर गए हैं या आपको कोई बीमारी हो गई है। यानि बीमा में निवेश बिल्कुल तरल नहीं है। आपको अपने पैसे के लिए ही भिखारियों की तरह भटकाना है।
शेयर्स में निवेश कभी भी समय पर पूर्णतः नहीं होता। उदाहरण के लिए आपने किसी ऐसे शेयर में पैसा निवेश कर दिया है जिसमें बिक्री, खरीद नहीं है, ऐसे में आपको अपना पैसा समय पर निवेश नहीं करना चाहिए।
म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट बहुत अधिक तरल हैं। म्यूचुअल फंड में आपका पैसा तीन दिन और एफडी से आपको बैंक में समय वापस मिल जाता है, लेकिन इसके लिए आपको ब्याज का त्याग करना पड़ता है। सोने में निवेश इन सबमें सबसे ज्यादा लिक्विड है आप सोना आधी रात को किसी भी शहर में बेच सकते हैं।
2. जोखिम
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बीमा में भी निवेश करना जोखिम भरा है। क्योंकि बीमा निवेशक भी आपके पैसे शेयर मार्किट में निवेश करता है। बाकी अगर फंड मैनेजर स्थापित है, तो आपका पैसा वो ऐसी जगह निवेश कर सकता है जिसमें उसका निजी हित हो। क्योंकि आपके कंपनी में भी प्रमोटर्स का पैसा जनता की तुलना में बहुत कम लगता है। जिसे लूटना हर एक प्रमोटर का एक उद्देश्य है। बिजनेस कंपनी आपके सामान के लिए नहीं खोलता। बीमा संस्थानों में भी आपके पैसे से खेला जाता है। इंश्योरेंस सोसायटी तो आपकी संस्था ले लेती हैं, लेकिन इंश्योरेंस सोसायटी की संस्था कौन लेती है। अगर बीमा कंपनी आपकी मृत्यु से पहले ही मर्ज हो गई है तो आपके बीमे के पैसे कौन देगा।
सबसे कम जोखिम स्वर्ण में निवेश में है । क्योंकि सोने की दो विषेशताएं हैं । सोना एक प्रकार की मुद्रा भी है जिसके बदले में आप कुछ भी ख़रीद सकते हैं दूसरा सोना आप एक asset है जिसकी अपनी खुद की वेल्यू है । सोने की वेल्यू की गारंटी भगवान लेतें हैं । जबकि fd ,shares ,mutual funds ,insurance की गारंटी नश्वर व्यक्तियों और संस्थाओं के हाथ में है जो कभी भी नष्ट हो सकते हैं । अगर fd ,shares ,mutual fund सामने वाला मुकर जाए तो इनसे एक पतीला पानी भी गर्म नही हो सकता । pure गोल्ड में चोरी होने के अतिरिक्त कोई जोखिम नही है जिसको आप secracy के जरिए कम कर सकते हैं । दूसरा चाणक्य ने कहा है धन की रक्षा किनसे करनी चाहिए । उत्तर है धन की रक्षा चोरों और राज पुरुषों से करनी चाहिये । सोने के अतिरिक्त fdr ,ज़मीन ,shares ,mutual fund किसी भी सरकारी अधिकारी जैसे Income Tax officer ,और C ourt द्वारा ज़ब्त की जा सकती है । आजकल आधार card , Pan card की मदद से ITO अपने office में बैठे बैठे आपकी सारी ज़मीन ,शेयर, fdr ,mutual fund आदि ज़ब्त या freez कर सकते हैं । इस अवस्था में आपके पास जेब में जितने पैसे हैं और जितना gold है वो हि आपके हैं बाकि सब मोह माया है ।
ज़मीन में भी कई जोखिम हैं ,जैसे नाजायज़ कब्ज़ा आदि हो जाना । जितनी ज़मीन आपको घर ,कारोबार के लिये जरूरी है उतनी ही रखनी चाहिए । एक बार किसी डीलर ने मुझे कहा की आपको सोने जैसी जमीन दिखा देता हूँ । मैंने उसे कहा मैं सोने में ही निवेश कर लूंगा ।
3. Return आमदन
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नीचे एक एक ग्राफ़ लगा हुआ है जिसमे fd, gold और shares की आमदनी का तुलनात्मक अध्ययन किया गया है । आप देखेंगे कि सोने की आमदनी की हरी रेखा लगातार ऊपर जा रही है और शेयर्स और fd की आमदन gold से कम है आप बिना रिस्क उठाये सोने में निवेश कर के शेयर्स से अधिक आमदन निकाल सकते हो । fdr की लाल रेखा तो कहीं रेस में है ही नहीं । शेयर्स की नीली रेखा में बहुत उतार चढ़ाव इसके जोखिम को दर्शाता है । युद्ध आदि की स्थिति में ,देश की अर्थव्यवस्थाडावाँडोल होने की स्थिति में ,सरकार की अस्थिरता की अवस्था में इन ,Inflationary economy की अवस्था में जैसे भारत की है , देश की मुद्रा के अवमूल्यन की अवस्था में सोना ही एकमात्र विकल्प है जो आपके निवेश को इन सब जोखिमों से बचाता है ।
Inflation कैसे आप के निवेश को चाट जाती है
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वेनेज़ुएला में साल 2010 में 1 bolvir भारत के 10 रुपये के बराबर था । मान लो 2010 में आप ने 50 लाख boliver की fd करवाई थी । 2010 में 50 लाख bolvir भारत के 5 करोड़ के बराबर होता था । अब 2018 में यह fdr बढ़ कर 1 करोड़ bolivar की हो गयी । लेकिन 2018 में वेनेज़ुएला में महँगाई इतनी बढ़ गई कि 2018 में यह 1 करोड़ bolvir से केवल आप आधा किलो पनीर ख़रीद सकते थे । यही 50 लाख bolvir आप ने सोने में निवेश किया होता तो सोना सारी inflation को cover कर लेता सोने की कीमत भी कई गुना बढ़ जाती ।
भारत में भी fdr में अधिक से अधिक 8 % ब्याज मिलता है लेकिन inflation rate महँगाई दर 10% के आस पास रहती है । इसका अर्थ है कि आपकी fdr 2% साल घट रही है । shares / mutual fund/ insurance भी inflation को cover नही करते । सोने के अतिरिक्त ज़मीन में निवेश भी कुछ हद तक inflation को cover करती है ।
निवेश को मुद्रा का अवमूल्यन भी कवर करना परिसंपत्ति। उदाहरण के लिए जब भी भारतीय रुपयों में गिरावट दर्ज की जाती है तो सोने के दाम बढ़ जाते हैं। एफडीआर रुपए के अवमूल्यन को कवर नहीं करता। भारत जैसे देश मुद्रा में लगातार गिरती जा रही है वहां सोने में निवेश सबसे अच्छा है। साल 1992 में 1 डॉलर 18 रुपये का था आज मार्च 2020 में 1 डॉलर 73 रुपये का हो गया है। इस अवमूल्यन को केवल सोना ही कवर किया जा सकता है।
देश जोखिम में किसी देश का दो बिखराव शामिल होना आदि शामिल है जैसे 1971 में पाकिस्तान दो मत बांग्लादेश और पाकिस्तान में बँट गया | जिन बांग्लादेश के लोगों ने पाकिस्तान के किसी भी बैंक में निवेश किया था, यह खुला मकर हो सकता है कि आपने पाकिस्तान की सरकार को पैसा दिया था। और पाकिस्तान की सरकार बांग्लादेश को दुश्मन देश घोषित कर बांग्लादेश के नागरिकों का पैसा जो विदेशी मुद्रा भंडार में जमा थी उसे जब्त किया जा सकता है। ज़मीन के मामले में भी देश जोखिम होता है जो लोग पाकिस्तान से भारत में आ गए और अपने ज़मीनी पाकिस्तान में ही रह गए। सोने के मामले में देश जोखिम नहीं है।
जब आप अपना पैसा किसी बैंक में निवेश करते हैं तो बैंक यह पैसा किसी बड़े पूंजीपति को दे देता है जो कोई भी बड़ी फैक्ट्री लगाकर लाखों लोगों को रोज़गार कर देता है। बैंक दूसरा आपका यह पैसा किसी बड़े इक्विटी पति को दे देता है जो इस पैसे से कोई जरूरी चीज जैसे जमीन, दालें, चावल आदि को जमा कर देता है, वह डुगने तिगुने दाम पर आपको बेच कर ही लूट लेता है।
अगर आप अपना पैसा शेयर, म्यूचुअल फंड, बीमा आदि में निवेश करते हैं तो आप किसी ताकतवर व्यक्ति को लूटने की और ताकत देते हैं
इन सबके विपरीत अगर आप सोने में निवेश करते हैं तो आप सीधे अपने देश को सोना की तरह बना रहे हैं। जब आपका पैसा देश के अंदर से बाहर का पैसा हो। भारत में इसी प्रकार सोने की दुकान बनाई गई थी। दूसरे सोने में निवेश से आप किसी जरूरी वस्तु का स्टॉक नहीं कर रहे हैं इसलिए आप महँगाई को भौतिक रख सकते हैं।
सनातन निवेश मॉडल बनाम पूंजीवादी निवेश मॉडल
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फिक्स्ड डिपॉजिट, शेयर, म्यूचुअल फंड, बीमा और भूमि में निवेश की व्यवस्था अर्थव्यवस्था मॉडल द्वारा जन्मी है। शैक्षणिक प्रणाली का मुख्य उद्देश्य देश के सभी साधन, धन संपदा और अधिकार का नियंत्रण कुछ चंद बड़े पूंजीपति पूंजीपति तक सीमित करना है। इस उद्देश्य के लिए वैज्ञानिक निवेश व्यवस्था इस उद्देश्य को ध्यान में रखा गया है।
शुद्ध सोने में निवेश सनातन अर्थव्यवस्था मॉडल की निवेश व्यवस्था है। जिसका मुख्य उद्देश्य देश के सभी को लाभ, धन सम्पदा, और अधिकार को एक समान बाँटना सुनिश्चित करना है।
भारत का स्वर्ण युग विदा। सोने में निवेश करें।
साधार
राजीव कुमार जी
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