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सनातन विचार ही वह प्रकाश है, जहाँ से जीवन, धर्म और कर्तव्य—तीनों का सत्य प्रकट होता है।
जातिय उत्पीड़न का नारा देकर उन्होंने पहले मनुस्मृति जलाई फिर राजस्थान में श्रीमद्भागवत_गीता जलाएं और अब उत्तरप्रदेश में रामचरित्र_मानस जलाए हैं ।
प्रस्तुतकर्ता
Deepak Kumar Dwivedi
को
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जातिय उत्पीड़न का नारा देकर उन्होंने पहले #मनुस्मृति जलाई फिर राजस्थान में #श्रीमद्भागवत_गीता जलाएं और अब उत्तरप्रदेश में #रामचरित्र_मानस जलाए हैं ।
मनुस्मृति, श्रीमद्भागवत गीता व रामचरित्र मानस को माध्यम बनाकर भारत को जलाया जा रहा है । भारत की पहचान व आधार हिन्दू है । हिन्दू विरोध का अर्थ ही भारत विरोध है । आक्रमणकारियों ने जिस भारत देश में हमला किया था उस भारत की पहचान हिन्दू से थी । जब भारत विश्व का सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था था तब भी यहाँ की पहचान हिन्दू से थी। भारत का स्वर्णिम युग के आधार में भी हिन्दू नरेश थे । शून्य से लेकर संस्कृत , संस्कृत से लेकर व्याकरण, व्याकरण से लेकर गणित और गणित से लेकर विज्ञान जो जो भारत से मिला उसके आधार में हिन्दू थें । यह भारत भूमि राम,श्याम व ऋषियों की है। इस भारत भूमि की पहचान #कौशल्या_पुत्र_राम से है,#देवकी_पुत्र_श्याम से है , #रेणुका_पुत्र_परशुराम से है और आज की परिस्थिति देखिए इसी देश में राम स्त्री विरोधी हो गए हैं, श्याम चरित्रहीन हो गए हैं और परशुराम हत्यारे हो गए हैं जबकि देश को लूटने वाले मुगल,अंग्रेज़ व अन्य आक्रमणकारि महान हो गए हैं ।
स्वामी प्रसाद मौर्य जैसे नेता और भारत के दल प्रायोजित हैं और इनका उद्देश्य है भारत मे अलगाव उत्पन्न करना जिसका परिणाम भारत का विखंडन होगा । इन्होंने पूर्वी भारत में अलगाव उत्पन्न किया तो आज पूर्वी भारत धर्मांतरित राज्य हो गया है औऱ नागालैंड जैसे प्रदेश में चर्च का नियम चलता है।
अपनी जातिय इतिहास,दबंगाई, वीरता व बाहुबल की डींगें मारने वाले हिंदुओ आखिर कब तुम्हारा रक्त खौलेगा ,अपने रक्त में उपस्थित उबाल को पहचानों और जो भारत को और इसकी आत्मा हिंदुत्व को नष्ट करना चाहते हैं उन्हें तुम स्वयं ही नष्ट कर दो । आखिर कब तक अपनी भूमि के विखंडन को ताकोगे और कब तक पुरखों की पगड़ी को स्वार्थ के पैरों से ठोकर मारोगे । जातिय वीरता का आधार धर्म रक्षा है अतः अपने जातिय वीरता की तलवार को अब तो निकालो और इसकी धार से अब तो संहार करो ।
शेष दुष्टों को उत्तर तलवार की धार से दिया जाता है न कि ललकार से ।
महिषासुर मर्दानी माता का दुष्टों के रक्त से अभिषेक करो
श्रीयुत सांकृत्यान
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